MP Corrupt Cop News: गृहमंत्री के जिले में टीआई ने बेगुनाह को फंसाने पिस्टल रखवा दी

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MP Corrupt Cop News: डीजीपी विवेक जौहरी से लेकर तमाम अफसरों को हुई शिकायत, एसपी ने निलंबन के आदेश किए जारी, बचाने का लगाया गया आरोप

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के गृह जिले दतिया शहर के एक थाने में प्रभारी की गुंडागर्दी (MP Corrupt Cop News) सामने आई है। थाने के प्रभारी ने अपनी वर्दी का इस्तेमाल करके कथित एक बेगुनाह को झूठे केस में फंसा दिया। फिलहाल वह जेल में हैं और बाहर निकलने का इंतजार कर रहा है। लेकिन, इस पूरे केस को आरटीआई एक्टिविस्ट ने उजागर करके पुलिस महकमे की किरकिरी करा दी। घटना की शुरूआत ग्वालियर (Gwalior Police News) जिले से हुई थी। नतीजतन, ग्वालियर एसपी ने अपने यहां के टीआई को लाइन अटैच कर दिया। जबकि दतिया एसपी ने टीआई को निलंबित करने के आदेश दे दिए।

जिला छोड़ने के पीछे वजह पर सवाल

मामला माधोगंज और कम्पू थाना क्षेत्र के बीच 15 और 16 जनवरी की मध्य रात्रि का है। यहां शुभम भार्गव (Shubham Bhargav) नाम के एक व्यक्ति का मुरैना पुलिस से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच वाहन टकराने पर विवाद हुआ था। तभी वहां से दतिया जिले में कोतवाली थाने के टीआई रत्नेश यादव गुजर रहे थे। वे मुरैना पुलिस के कर्मचारी को पहले से पहचानते थे। उन्होंने वाॅयरलैस सेट पर मोबाइल छीनकर ले जाने की सूचना प्रसारित कर दी। शुभम भार्गव को कम्पू थाना लाया गया। वहां थाने में दतिया (Datiya) जिला छोड़कर आने के सवाल पर रत्नेश यादव कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।

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तस्करी करने के आरोपी बनाने की मांग

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इसके बाद वह शुभम भार्गव को उसकी ही बाइक में बैठाकर दतिया ले आए थे। सूत्रों ने बताया कि वहा कम्पू थाना प्रभारी अनीता मिश्रा (Anita Mishra) से रत्नेश यादव का विवाद भी हुआ था। दतिया टीआई गलत कार्रवाई उनसे कराना चाहते थे। जिसके लिए महिला टीआई तैयार नहीं थी। दतिया के थाने में शुभम भार्गव के खिलाफ आर्मस एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया। उससे अवैध हथियार के अलावा जिंदा कारतूस भी जब्ती में बताए गए। यहां से उसको अदालत में पेश करने के बाद जेल दाखिल कर दिया गया। इस बात की जानकारी आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष कुमार चतुर्वेदी (Ashish Kumar Chaturvedi) को लगी। उन्होंने कम्पू थाने के रोजनामचा रिपोर्ट हासिल करने के बाद इस मामले की शिकायत डीजीपी विवेक जौहरी (DGP Vivek Johri) के अलावा रेंज के आला अफसरों से कर दी।

मामले को दबाने में जुटे अफसर

जिसके बाद ग्वालियर एसपी अमित सांघी (SP Amit Sanghi) ने कम्पू थाने की टीआई अनीता मिश्रा को लाइन हाजिर कर दिया। इसके अलावा दतिया एसपी अमन सिंह राठौड (SP Aman Singh Rathore) ने टीआई रत्नेश यादव को सस्पेंड करने के आदेश कर दिए। इधर, आशीष कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि टीआई को बचाया जा रहा है। शुभम भार्गव के पास हथियार नहीं था। यह हथियार कोतवाली टीआई ने रखवाया है। इसलिए तस्करी मामले का आरोपी बनाकर उनसे हथियार के संबंध में पूछताछ की जाना चाहिए।

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जेल से छुड़ाने की मांग

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आशीष कुमार चतुवेर्दी ने बताया कि मामले को अफसर दबाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। रत्नेश यादव काफी विवादित कार्यशैली के चलते हमेशा सुर्खियों में रहे हैं। डबरा में लूट का मामला भी दर्ज है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के विधानसभा क्षेत्र वाले जिले में यह हालात है। यह पुलिस विभाग की छवि को धूमिल भी कर रहा है। चतुर्वेदी ने जेल में बंद शुभम भार्गव को रिहाई के लिए भी मांग की है। उन्होंने कहा कि रंजिशन की गई इस कार्रवाई में शुभम जेल में है। दतिया एसपी ने अपने आदेश में लिखा है कि शुभम भार्गव लूट का आरोपी था। जिसको गिरफ्तार करने के लिए लूट की धारा नहीं लगाई गई। उसे दूसरे मुकदमे में दर्ज किया गया। इसलिए निलंबन किया जा रहा है।

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