Bhopal News: पहले से रिमांड पर मौजूद बेटे समर्थ सिंह से आमना-सामना कराने का हवाला दिया,पांच दिन की मांगी गई थी रिमांड, अलग-अलग वाहनों से कोर्ट रुम में लाया गया

भोपाल। सीबीआई दिल्ली की तीसरी यूनिट की टीम ने रिटायर्ड डीजे गिरिबाला सिंह और उनके अधिवक्ता बेटे समर्थ सिंह को भारी सुरक्षा इंतजाम के बीच न्यायाधीश शोभना भलावी की कोर्ट में पेश किया गया। यहां सीबीआई (Bhopal News) की तरफ से कहा गया कि दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या अधिनियम में गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी 28 मई की शाम को की गई है। उनसे बेटे समर्थ सिंह के सामने बैठाकर आमने-सामने पूछताछ किया जाना जरुरी है। इसके लिए पांच दिन की रिमांड दी जाए।
त्विषा शर्मा को आई चोट का पता लगा रही सीबीआई
अदालत ने सीबीआई (CBI) की तरफ से पेश कारणों को विचार करने के कुछ देर बाद 2 जून तक के लिए मां-बेटे को सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया गया। इससे पहले दोनों को अलग-अलग वाहनों से कोर्ट रुम (Court Room) में लाया गया था। कोर्ट रूम के कक्ष में मां-बेटे एक साथ आरोपियों वाले कठघरे में खड़े भी रहे। आर्डर जारी होने के बाद अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव की तरफ से कोर्ट के भीतर हुई गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के वक्त रखी दलीलों के आधार पर पूछताछ सीबीआई अभिरक्षा में करना ज्यादा महत्वपूर्ण बताया गया। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया था। सीबीआई की टीम मां-बेटे के सामने घटना वाले दिन 12 मई को हुए सारे घटनाक्रम का समय अनुसार चित्रांकन करके यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौत से कुछ देर पहले त्विषा शर्मा (Twisha Sharma) के आई चोट की वजह क्या थी। जिसके आधार पर फोरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अभियोग पत्र में साक्ष्य के साथ कोर्ट को पूरी स्थिति बताई जा सके।
कठघरे में भी नहीं बदले तेवर

रिटायर्ड डीजे गिरिबाला सिंह और उनके एडवोकेट पुत्र समर्थ सिंह (Samarth Singh) अमूमन आरोपियों को अदालत के कठघरे में खड़े करते आए हैं। लेकिन, जीवन में उन्हें इस मोड़ पर आकर कठघरे में खड़ा होना होगा यह सोचा नहीं था। यह बोलकर दिनभर भोपाल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कई अधिवक्ता प्रकरण को लेकर बातचीत करते नजर आए। गिरिबाला सिंह कोर्ट रुम में जाते वक्त किसी तरह के अपने पुराने तेवर से अलग नजर नहीं आईं। उन्होंने कोई प्रतिक्रिया या फिर कोई विरोध भी न दिखाते हुए सीबीआई अधिकारियों के कहे अनुसार काम किया।
सीबीआई अंधेरे में सुराग तलाशने कर रही काम
यह प्रकरण सीबीआई के लिए भौतिक और वैज्ञानिक रुप से काफी चुनौती भरा है। दरअसल, पीएम रिपोर्ट में छह चोटें त्विषा के शरीर में मिली हैं। यह मां के साथ हुई बातचीत से पहले आईं थीं। उसने मारपीट का आरोप लगाकर मां को फोन लगाया था। जिसके कुछ देर बाद गिरिबाला सिंह ने मौत होने की खबर दी थी। घटना वाले दिन रात साढ़े आठ बजे से लेकर साढ़े ग्यारह बजे के बीच तीन घंटे के सिलसिलेवार तथ्यों को जानने का प्रयास कर रही है। इन तीन घंटों में सिर्फ तीन लोग हैं। जिसमें त्विषा शर्मा की मौत हो चुकी है। जबकि दो मां-बेटे आरोपी है।
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