Bhopal Cheating Case: जेल के बाहर मिले, दिनभर साथ घूमे, ऐसा करके चंपत हुआ जालसाज

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Bhopal Cheating Case: बी—फार्मा कर चुकी युवती जेल में मंगेतर से गई थी मिलने, जालसाजी का मुकदमा दर्ज

Bhopal Cheating Case
सांकेतिक चित्र

भोपाल। जालसाज (Bhopal Cheating Case) बेहद शातिर होते हैं। उनके सामने शिक्षित भी बहक जाते हैं। आपको शायद यकीन नहीं होगा। लेकिन, यह घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal Fraud Case) से सामने आई है। घटना की शुरुआत केंद्रीय जेल के गेट से हुई थी। शिकार बी—फार्मा कर चुकी युवती बनी। जालसाज उसको उसकी ही मोपेड में बैठाकर दिनभर यहां—वहां घुमाता रहा। फिर आखिरी दांव उसने ऐसा चला कि युवती ने अपना माथा पीट लिया। पुलिस ने इस घटना के मामले में जालसाजी (Bhopal Job Fraud Case) का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी हकीकत में कौन है यह पुलिस को भी नहीं पता।

वीआईपी तरीके से करा देगा मुलाकात

गांधी नगर थाना पुलिस ने बताया कि घटना 2 नवंबर की दोपहर लगभग 12 बजे की है। जिसकी एफआईआर रात लगभग 8 बजे दर्ज की गई है। शिकायत जहांगीराबाद थाना क्षेत्र स्थित अहीरपुरा निवासी प्रियंका धुर्वे पिता राजू धुर्वे उम्र 24 साल ने दर्ज कराई है। वह गांधी नगर केंद्रीय जेल (Bhopal Central Jail Gate Cheating Case) में अपने मंगेतर से मुलाकात करने पहुंची थी। मुलाकातियों की सूची में उसका नाम नहीं था। इस बात को लेकर युवती परेशान हो गई और वह गेट के बाहर हताश होकर खड़ी हो गई। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उसने झांसा दिया कि वह वीआईपी कोटे से उसकी मुलाकात करा देगा।

कलेक्टर आॅफिस में फॉर्म भी भराया

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प्रियंका धुर्वे (Priyanka Dhurve) को उस व्यक्ति ने अपना नाम महेश चौहान (Mahesh Chouhan) बताया था। बातचीत के दौरान प्रियंका से उसने सारे राज जान लिए। इसमें से एक राज बी—फार्मा के बाद बेरोजगारी का था। मामले की जांच कर रहे अधिकारी एसआई मोहम्मद लईक खान (SI Mohmmed Laik Khan) ने बताया कि महेश चौहान नाम का व्यक्ति उसके मंगेतर से मुलाकात करने की बजाय पहले नौकरी (Bhopal Job Cheating Case) का फॉर्म भराने के बहाने कलेक्टर आॅफिस ले गया। यहां उससे फॉर्म भरने के नाम पर साढ़े छह हजार रुपए भी लिए। कुछ देर बाद महेश चौहान ने कहा कि वह प्रसाद लेकर आ रहा है। इसके लिए उसने प्रियंका धुर्वे की मोपेड की चाबी उससे मांग ली।

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जालसाज की तलाश में दबिश

जांच अधिकारी ने बताया कि उसके बाद महेश चौहान मोपेड और नकदी ले जाने के बाद वापस नहीं लौटा। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पीड़िता कोहेफिजा समेत कई अन्य थानों में चक्कर काटती रही। जिसके बाद उसको गांधी नगर थाने भेजा गया। यहां पुलिस ने प्रियंका की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि महेश चौहान फर्जी नाम है। उसके संबंध में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। इसलिए पुलिस जेल के बाहर और कलेक्टर आॅफिस के आस—पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

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