Bhopal News: थाने में एफआईआर दर्ज कराने पर घर के बाहर खड़ी पल्सर बाइक जला दी,एक सप्ताह बाद भी आरोपी को दबोचने में नाकाम पुलिस

भोपाल। शराब नहीं पिलाने पर नाराज एक बदमाश ने पत्थर मारकर एक व्यक्ति के आंखों की रोशनी छीन ली। यह घटना भोपाल (Bhopal News) शहर के गोविंदपुरा इलाके की है। पुलिस ने इस मामले में सामान्य मारपीट का प्रकरण दर्ज किया था। मामला यहां नहीं थमा, पीड़ित परिवार ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई तो उसने घर के बाहर खड़ी पल्सर में आग लगाकर उसे राख कर दिया। पुलिस आरोपी को एक सप्ताह बाद भी नहीं दबोच सकी हैं।
एक सप्ताह से दहशत में जी रहा परिवार
मारपीट की पहली घटना 19 अप्रैल की शाम साढ़े छह बजे हुई थी। वारदात कैलाश नगर (Kailash nagar) के पास मैदान में हुई। यहां विजय सुरवाडे (Vijay Surwade) अपने भाई भीमराव सुरवाड़े (Bheemrao Surwade) के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। तभी वहां पर मनवा उर्फ सोनू चौरसिया (Manwa@Sonu Chaurasiya) आया। उसने कहा कि उसे भी शराब पिलाओ। इस बात पर विजय सुरवाड़े और उनके भाई भीमराव सुरवाड़े ने विरोध जताया तो आरोपी गाली-गलौज करते हुए पत्थर उठाकर पीटने लगा। दोनों भाई नशे में थे इसलिए सोनू चौरसिया भारी पड़ गया। यह बात उसके बेटे तुषार सुरवाड़े (Tushar Surwade) को पता चली। वह भी बीच-बचाव करने पहुंचा तो उसे भी सिर पर पत्थर मारकर लहुलूहान कर दिया। इसी दौरान कोई नुकीली चीज से विजय सुरवाडे के बाएं आंख के पास आरोपी ने वार किया। जिस कारण उनकी आंखे लाल सुर्ख हो गई और आंखों से खून निकलने लगा।
डॉक्टरों ने हाथ खड़े किए
गोविंदपुरा (Govindpura) थाना पुलिस ने 19 अप्रैल की रात लगभग दस बजे सामान्य मारपीट का प्रकरण दर्ज किया। यह प्रकरण जख्मी के बेटे तुषार सुरवाड़े पिता विजय सुरवाडे उम्र 20 साल की शिकायत पर दर्ज किया। वह बीएसएनएल (BSNL) में नौकरी करता है। बेटे ने बताया कि पिता को जेपी से हमीदिया अस्पताल ले जाने बोला। हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) में भी आंख रोग विभाग में चिकित्सक नहीं मिले तो वे बोर्ड ऑफिस के सामने आंखों के अस्पताल एएसजी (ASG) में पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि विजय सुरवाड़े के आंखों की रोशनी जा चुकी है। जिसके बाद पूरा परिवार भारी सदमे में हैं।
बिहार भागने की फिराक में परिवार
सोनू चौरसिया के खिलाफ 19 अप्रैल को प्रकरण दर्ज किया था। जिसके बाद उसको थाने (Bhopal news) से इस बात की भनग लग गई थी। जिसके बाद वह 20 अप्रैल को फिर विजय सुरवाड़े के घर पहुंचा। उनके आंगन में रखी पलसर (Pulsar) एमपी-09-व्हीटी-8358 में आग लग दी। यह सूचना भी उसी रात थाने को दी गई थी। लेकिन, पुलिस ने उसे दबोचने और प्रकरण दर्ज करने की बजाय पीड़ित परिवार को भगा दिया। अगले दिन आरोपी सोनू चौरसिया फिर उनके घर पहुंचा। वह कहने लगा बाइक (Bike) अभी पूरी तरह से नहीं जली है। उस वक्त विजय सुरवाडे अस्पताल में भर्ती थे। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने इस पूरे मामले मेें सोनू चौरसिया का पूरा साथ दिया। वह, उसकी मां संजू देवी और पत्नी कोमल चौरसिया (Komal Chaurasiya) धीरे-धीरे करके माल समेट रहे हैं। पूरा परिवार मूलत: बिहार (Bihar) का रहने वाला है और वह फरार होने की तैयारी में हैं।
थाना प्रभारी ने लगाई फटकार

इस संगीन मामले में मैदानी कर्मचारियों ने भारी लापरवाही बरती। यह पूरा मामला थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर(TI Awadhesh Singh Tomar) से छुपाया गया। जब उन्हें मैदानी हकीकत पता चली तो उन्होंने जांच अधिकारी समेत अन्य कर्मचारियों को शोकाज नोटिस थमा दिया। लगातार धमकाने के बावजूद उसमें प्रकरण दर्ज नहीं किया। हालांकि फटकार के बाद पल्सर जलाने के मामले में 25 अप्रैल को प्रकरण 260/26 दर्ज किया गया। यह मामला पूजा पवार पति स्वर्गीय सोनू पवार उम्र 28 साल की शिकायत में दर्ज किया। वह कैलाश नगर में ही रहती है। पूजा पवार (Pooja Pawar) मारपीट में आंख गंवाने वाले विजय सुरवाड़े के भांजे की पत्नी हैं। भांजे का निधन होने के बाद उसकी बाइक उनके ही आंगन में रखी जाती थी।
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