Bhopal Property Fraud: शिकायत करने पहुंचा नाती, रजिस्ट्री ऑफिस ने जांच के बाद प्रकरण पुलिस को सौंपा, जालसाजी का प्रकरण दर्ज

भोपाल। राजधानी में भूमाफिया कितने सक्रिय है यह इस हैरान करने वाले फर्जीवाड़े से उजागर होती है। मामला मौत के सत्रह साल बाद वयोवृद्ध महिला के फिर जन्म लेने से जुड़ा है। उसके नाम पर सवा एकड़ जमीन थी। जिसको बेचने के लिए यह फर्जीवाड़ा (Bhopal Property Fraud) किया गया। मामले की शुरुआती जांच डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार ऑफिस ने की थी। जिसमें फर्जीवाड़ा उजागर होने पर मामला भेापाल शहर के रातीबड़ थाना पुलिस को भेजा गया है।
सब रजिस्ट्रार ऑफिस के कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध
रातीबड़ (Ratibarh) थाना पुलिस के अनुसार जमीन ग्राम सरवर में स्थित है। यह जमीन खसरा नंबर 19 में हैं जिसका रकबा लगभग एक एकड़, 27 हेक्टेअर हैं। जमीन कमला बाई शर्मा पिता श्यामलाल शर्मा उम्र 76 साल के नाम पर थीं। यह जमीन 4 दिसंबर, 2025 को बेची जा रही थी। जमीन खरीदने वाले नीलेश मालवीय (Nilesh Malviya) और चंद्रशेखर बघेल (Chandra Shekhar Baghel) थे। रजिस्ट्री आईएसबीटी (ISBT) स्थित सब रजिस्ट्रार ऑफिस (Sub-Registrar O(Kamla Bai Sharma) ffice) में की गई थी। जिसमें कमला बाई शर्मा का जमीन पर खड़ा करके फोटो भी खींचा गया। दस्तावेजों के परीक्षण उपरांत जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। यह बात कमला बाई शर्मा के नाती बृजेश शर्मा (Brajesh Sharma) को पता चली। जिसके खिलाफ उन्होंने सब रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर 24 मार्च, 2026 को शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीर मानते हुए उप पंजीयक डॉक्टर बृजेंद्र शुक्ला (Dr Brajendra Shukla) ने जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि कमला बाई शर्मा का निधन 5 अक्टूबर, 2008 को हो चुका है। जब उनका निधन हुआ था तब उनकी उम्र 76 साल थी। मौत से संबंधित दस्तावेज सब रजिस्ट्रार ऑफिस को पेश किए गए थे। उनके स्थान पर रजिस्ट्री करने आई महिला का चेहरा और उम्र भी उनसे मेल नहीं खाता है। मामले की गंभीरता को समझते हुए उप पंजीयक कार्यालय ने अपना एक प्रतिवेदन रातीबड़ थाने को भेज दिया। जिसके आधार पर पुलिस ने 27 मई को जालसाजी का प्रकरण 191/26 दर्ज कर लिया है। जिसमें अभी मृत वृद्धा के स्थान पर खड़ी होकर तस्वीर खिंचाने वाली महिला को आरोपी बनाया है। पुलिस जमीन खरीदने वाले नीलेश मालवीय और चंद्रशेखर बघेल से भी पूछताछ करेगी। जिससे जमीन बेचने वाले भूमाफियाओं के नेटवर्क का पता चल सकेगा। इधर, प्रकरण दर्ज करने के बाद पुलिस की तरफ से उप पंजीयक कार्यालय से रजिस्ट्री के लिए लगाए गए दस्तावेजों को भी मांगने का काम किया जा रहा है। जिससे आरोपियों के मामले में स्थिति साफ हो सके। सौदे की रकम और जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई उसकी जानकारी जुटाने का भी काम पुलिस की तरफ से किया जाएगा। इसके लिए भी सब रजिस्ट्रार ऑफिस से भुगतान को लेकर बैंक और उसकी जानकारी भी मांगी जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में आरोपियों की संख्या आधा दर्जन से अधिक हैं। जिसमें सब रजिस्ट्रार ऑफिस के कुछ कर्मचारियों की भी संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।
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