Fake Currency : गुजरात में फलफूल रहा नकली नोट का कारोबार, सूरत के बाद अब वडोदरा में मिले

Share

नोटबंदी से नकली नोट की समस्या खत्म होने के दावे की गुजरात में ही खुली पोल

सांकेतिक फोटो

वडोदरा। याद कीजिए नोटबंदी (Demonetization) के वक्त किया गया प्रधानमंत्री (PM Modi) का वो दावा, कि अब नकली नोट (Fake Currency) की समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन देश को बर्बाद करने वाली ये समस्या जस की तस ही है। पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात (Gujarat) में ही नकली नोट का कारोबार फलफूल रहा है। हाल ही में सूरत (Surat) में 2 करोड़ रुपए के नकली नोट बरामद किए गए थे। अब वडोदरा (Vadodara) में करीब एक लाख रुपए के नकली नोटों के साथ 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नाकाबंदी और छापामार कार्रवाई में नकली नोटों के साथ पकड़ाए आरोपी बता रहे है कि ये कारोबार लंबे समय से चल रहा है। दिवाली के सीजन में बाजारों में नकली नोटों की बड़ी खेप खपाने की साजिश रची गई है।

पुलिस ने बताया कि वडोदरा में भारतीय मुद्रा (Indian Currency) के 87 हजार 500 रुपए के नकली नोट बरामद किए गए। बुधवार को की गई कार्रवाई में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीम ने आरोपी अभिषेक सुर्वे और सुमित नांबियार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ धारा 489, 120 बी, 114 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शनिवार को पुलिस ने सूरत (Surat) में छापामार कार्रवाई कर नकली नोट बरामद किए थे। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट पहली बार बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी नकली नोटों के साथ अपने असली नोटों को एक्सचेंज करके लोगों को ठगना चाहते थे। शुक्रवार की रात एक चेक पोस्ट के पास बसों की नियमित जांच के दौरान, सूरत पुलिस ने मुंबई के चार लोगों को नोटों के बंडलों के साथ गिरफ्तार किया।

यह भी पढ़ें:   साप्ताहिक अवकाश के लिए मध्यप्रदेश पुलिस में रोल कॉल का समय बदला

आरोपी 200 रुपए के नकली नोटों के 9981 बंडल ले जा रहे थे। नकली नोटों पर “चिल्ड्रन अकाउंट ऑफ इंडिया” छपा हुआ है। नोटों पर सीरियल नंबर नहीं छापा गया था। आरोपियों के पास से 200 रुपए के असली नोट भी बरामद किए गए है। पुलिस का कहना है कि इन्हीं असली नोटों को दिखाकर आरोपी नकली नोट खपाने की फिराक में थे।

Don`t copy text!