Article 370: जम्मू—कश्मीर में पहली बार रणवीर पैनल कोड की बजाय आईपीसी लगेगी

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गुरुवार से जम्मू—कश्मीर और लद्दाख में बदल जाएगा कानून और प्रशासनिक ढ़ांचा, दो केंद्र शासित प्रदेश करेंगे काम

Article 370
सांकेतिक चित्र

दिल्ली। भारत (India) का मस्तक कहे जाने वाले जम्मू—कश्मीर (Jammu Kashmir) में गुरुवार से सबकुछ बदल जाएगा। यहां राज्य गठन के बाद पहली बार भारतीय दंड संहिता (Indian Panel Code) के तहत काम होगा। इसके साथ ही देश में केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 7 से बढ़कर 9 हो जाएगी। इधर, ईयू सांसदों के प्रतिनिधि मंडल ने जम्मू—कश्मीर का दौरा कर लिया है। यहां आर्टिकल—370 (Article 370) को प्रतिनिधि मंडल (EU Delegation) ने भारत का निजी मामला बताया हैं।
जानकारी के अनुसार भारत की संसद ने 5 अगस्त को आर्टिकल—370 समाप्त करने का बिल पारित किया था। इस बिल के तहत जम्मू—कश्मीर का नए सिरे से विभाजन करके उसको केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बनाया गया। यह आदेश 31 अक्टूबर से प्रभावी होंगे। इस आदेश के साथ ही दोनों प्रदेशों की न्यायिक, विधायिका, कार्यपालिका की व्यवस्था पूरी तरह से बदल जाएगी। जम्मू—कश्मीर के कुछ क्षेत्र लद्दाख (Ladakh) में शामिल कर दिए गए हैं। इसलिए वहां ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। हालांकि इससे पहले दोनों केंद्र शासित प्रदेश के कर्मचारियों को कार्य विभाजन के स्वरूप को लेकर प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

यह होगी नई व्यवस्था
जम्मू—कश्मीर में थाना पुलिस अपराधों को रणवीर पैनल कोड (Ranveer Panel Code) के तहत दर्ज करती थी। अब ऐसा नहीं होगा। यहां भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मामले बनाए जाएंगे। जम्मू—कश्मीर में राज्य के ध्वज (Jammu Kashmir Flag) के अलावा भारत का झंडा फहराया जाता था। अब यहां केवल भारत का झंडा फहराया जाएगा। इसके अलावा केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सरकार ने कश्मीर को लेकर सारे विशेष दर्जे (Special Status) समाप्त कर दिए हैं। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों का फिलहाल तबादला नहीं होगा।

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पुलिस व्यवस्था में यह होगा बदलाव
जम्मू—कश्मीर में न्यायिक व्यवस्था (J&K Judiciary System) में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन, पुलिस विभाग में बड़ा देखने को मिलेगा। जम्मू—कश्मीर में डीजीपी (J&K DGP) पोस्ट होगी। लेकिन, लद्दाख में आईजी (Ladakha IGP) को पुलिस का मुखिया बनाया जाएगा। दोनों प्रदेशों में गठित आयोग (Commission) अब राज्य के न होकर केन्द्र सरकार के होंगे। दोनों प्रदेश में लेफ्टिनेंट गर्वनर (Lieutenant Governor) महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे। उन्हीं की सलाह के बाद सरकारें काम कर सकेगी।

अब कितनी संख्या
भारत में फिलहाल 7 केंद्र शासित राज्य थे। लेकिन, इनकी संख्या गुरुवार से 9 होगी। जो पहले थे उसमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और द्वीव, लक्ष्यद्वीव और पुदुचेरी हैं। अब जम्मू—कश्मीर और लद्दाख केन्द्र शासित प्रदेश होंगे।

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