MP Horse Trading पर वार-पलटवार के बीच विधायकों को सीएम कमल नाथ की सलाह

Share

खरीद-फरोख्त पर घमासान, क्या वाकई संकट में है सरकार ?

सीएम कमल नाथ, फाइल फोटो

भोपाल। MP Horse Trading राज्यसभा चुनाव से पहले एक बार फिर मध्यप्रदेश में सियासत तेज हो गई। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में बयान दिया। जिससे प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया। पक्ष और विपक्ष में वार-पलटवार का दौर शुरु हो गया। इस बीच एक बार फिर प्रदेश में चर्चा शुरु हो गई है कि क्या वाकई संकट में है गठबंधन की कमल नाथ सरकार ? या संकट में है सरकार! दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कमल नाथ ने तमाम बयानों, कयासों और मेल मुलाकातों से भरे सियासी गुब्बारे की अपने ही अंदाज में हवा निकाल दी है। विधायकों की खरीद-फरोख्त के सवाल पर सीएम कमल नाथ ने चौंकाने वाली सलाह दी।

कमल नाथ ने कहा कि- ‘विधायक ही कह रहे है हमें इतना पैसा दिया जा रहा है। मैं तो विधायकों से कह रहा हूं…फोकट का पैसा मिल रहा है..ले लेना।‘

मंगलवार को एक बार फिर दिग्विजय सिंह सनसनीखेज खुलासे के साथ मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह पर बसपा विधायक रामबाई को दिल्ली ले जाने का आरोप लगाया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि भूपेंद्र सिंह, रामबाई को फ्लाइट से दिल्ली लेकर गए थे। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक बैजनाथ कुशवाह सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बंगले पहुंचे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा ऑफर दिए जाने की बात मंत्री को बताई।

यह भी पढ़ें:   Bhopal Crime: युवक समेत तीन व्यक्तियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

इससे पहले सोमवार शाम बीजेपी विधायक शरद कौल का बयान सामने आया था। जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर आरक्षित वर्ग के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था। उन्होंने सीएम कमल नाथ की जमकर तारीफ की है। हालांकि भाजपा इस वीडियो को फर्जी बताती रही।

YouTube video

मध्यप्रदेश में शुरु हुई सियासत को राजनीतिक जानकार राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे है। सबकुछ ठीक रहा तो तीन सीटों में से 2 पर कांग्रेस का कब्जा हो सकता है। लेकिन कांग्रेस में इन दो सीटों पर दावेदारों की फेहरिस्त लंबी है। लिहाजा कहा जा रहा है कि कांग्रेस के एक बड़े नेता अपनी जगह पक्की रखने के लिए ये अहसास करा रहे है कि गठबंधन की सरकार में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। दूसरी तरफ उनके विरोधी पत्ता काटने में लगे हुए है। ऐसे में नेता तो यहीं कह रहे है कि संकट में सरकार नहीं है, संकट में हैं ‘सरकार’ !

दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह ने हाल ही में अपने एक लेख में खुलासा किया कि हाल ही में राज्यपाल लाल जी टंडन और उनके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का दिल्ली दौरा हुआ था। चौहान की तबियत खराब होने के बावजूद उन्हें बुलाया गया था, उन्हें लेने के लिए अलग से विमान भेजा गया था।

शिवराज सीएम बनने के लिए कांग्रेस विधायकों पर डाल रहे डोरे

Don`t copy text!