सिंधिया का साथ छोड़ने वाले रामनिवास रावत पर सरकारी शिकंजा

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MP By Election : मध्यप्रदेश में शुरु हुई बदलापुर की सियासत

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रामनिवास रावत, कार्यकारी अध्यक्ष कांग्रेस, फाइल फोटो

भोपाल। उपचुनाव (MP By Election) से पहले मध्प्रदेश (Madhya Pradesh) में बदलापुर की सियासत शुरु हो गई है। कभी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के सबसे करीबी रहे रामनिवास रावत (Ramnivas Rawat) इसके शिकार हुए है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन पर शिकंजा कसा जा रहा है। कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव (Collector Rakesh Shrivastava) ने रावत के स्कूल और कॉलेज की जमीन को सरकारी घोषित करने का आदेश जारी किया है। साथ ही निर्माणाधीन पेट्रोल पंप की एनओसी निरस्त कर दी है।

शिक्षण संस्था के नाम दर्ज थी जमीन

सोमवार को कलेक्टर न्यायालय ने रामनिवास रावत के कब्जे वाली डेढ़ हेक्टेयर जमीन को सरकारी घोषित किया है। जमीन पर उनका श्री गणेश कॉलेज और श्री गणेश कॉन्वेंट स्कूल बना हुआ है। ये जमीन श्री गणेश शिक्षण संस्था के नाम दर्ज थी। इन शिक्षण संस्थान का संचालन रामनिवास रावत के बेटे अनिरुद्ध रावत करते है। वहीं श्योपुर शहर में रावत का एक पेट्रोल पंप भी बन रहा है। जो लगभग कंप्लीट हो गया है। उसकी भी एनओसी निरस्त कर दी गई है।

सिंधिया का साथ न देना पड़ा भारी

राजनीतिक जानकार इसे सिंधिया से बागी होने का नतीजा बता रहे है। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार (Kamalnath Govt) गिराने के बाद ज्यादातर सिंधिया समर्थक भाजपा में शामिल हो गए। लेकिन रामनिवास रावत कांग्रेस में ही रहे। प्रदेश की राजनीति में हुए बड़े उलटफेर के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि रावत भी पाला बदल लेंगे। लेकिन वे पूरी दमदारी के साथ कांग्रेस में ही रहे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना स्टैंड भी क्लीयर किया था।

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रामनिवास रावत ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने की वजह भी बताई थी। जिसके बाद राहुल गांधी ने भी उसी वजह पर बयान दिया था। रावत ने बताया कि सिंधिया अपने राजनीतिक करियर को लेकर चिंतित थे। वो ड़रे हुए थे, लिहाजा उन्होंने भाजपा ज्वॉइन कर ली।

पेट्रोल पंप की एनओसी भी निरस्त

जानकारों का कहना है कि सिंधिया का साथ न देने की वजह से रावत की संपत्ति को निशाना बनाया गया है। रावत को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है। विजयपुर स्थित उनके कॉलेज और स्कूल की जमीन को भूदान की जमीन बताकर सरकारी घोषित किया जाना भी इसी का हिस्सा है। वहीं पेट्रोल पंप की एनओसी जारी होने के बाद निरस्त किया जाना भी प्लानिंग का हिस्सा है।

इस मामले में कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि ये जमीन भूदान की थी। जिसे गलत तरीके से किसी संस्था के नाम करा लिया गया था।

कांग्रेस हमलावर

वहीं इस मामले में कांग्रेस हमलावर हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि- ‘कथित जनसेवक और दोयम दर्जे की मानसिकता वाले, कथित उच्च परिवार में पैदा हुए राजनैतिक लालची ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने समर्थन में नहीं आए कांग्रेस विचारधारा को समर्पित श्री रामनिवास रावत के कॉलेज, स्कूल की जमीन को सरकारी घोषित करवाकर,’

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