MP Minister को Society Mafia ने नोटों से भरा बैग पेश किया

Share

मध्यप्रदेश के मंत्री का सनसनीखेज खुलासे के बाद मीडिया में मची हलचल, रोहित गृह निर्माण के बाद कावेरी हाउसिंग सोसायटी पर पुलिस का शिकंजा

गोविंद सिंह, सहकारिता मंत्री, मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह (Madhya Pradesh Minister Govind Singh) को एक माफिया नोटों से भरा बैग लेकर (Bribe Offer) पहुंच गया था। यह खुलासा स्वयं मंत्री ने किया है। जिसके बाद प्रदेश में हलचल मच गई है। मंत्री का कहना है कि हाउसिंग सोसायटी (Society Scam) में बचने के लिए ऐसा किया गया था। इधर, कोलार थाना पुलिस ने कावेरी हाउसिंग सोसायटी (Kaveri Housing Society) के पूर्व अध्यक्ष समेत अन्य के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath) ने प्रदेश में माफिया राज (MP Organised Crime) को खत्म करने के लिए अभियान चलाने का तीन दिन पहले ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद आर्थिक प्रकोष्ठ विंग (Economic Offense Wing) ने रोहित गृह निर्माण समिति (Rohit Grih Nirmaan Samiti) के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया। इस मुकदमे में घनश्याम सिंह राजपूत (Ghanshyam Singh Rajput) मुख्य आरोपी है। राजपूत पहले रेलवे में क्लर्क की नौकरी करता था। उसके घर पर सीबीआई के छापे (CBI Raid) भी पड़ चुके हैं। राजपूत तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Ex CM Shivraj Singh Chouhan) की सरकार में काफी रसूखदार व्यक्ति था। उसी रसूख का फायदा उठाते हुए उसके खिलाफ दर्ज 2009 की शिकायत पर ईओडब्ल्यू कोई एक्शन नहीं ले पा रहा था। इस मामले में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि के प्रोफेसर श्रीकांत सिंह, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अमरनाथ मिश्रा समेत कई अन्य आरोपी है। इस संस्था के पदाधिकारी रहे राजपूत ने करीब साढ़े 22 करोड़ रुपए का हेर—फेर किया है। पात्रों को प्लॉट न देना और संस्था के खाते से रकम अपने निजी काम में इस्तेमाल करने जैसे संगीन आरोप राजपूत पर हैं।

यह भी पढ़ें:   MP Road Mishap: रीवा में 15 लोगों की सड़क हादसे में मौत

गोविंद सिंह के बयानों से खलबली
रोहित हाउसिंग सोसायटी को लेकर सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह के बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। इस सोसायटी को लेकर यह पहला मौका नहीं है जब राजनीतिक गलियारों में भूचाल आया हो। इससे पहले पूर्व सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने भी गोविंद सिंह की ही तरह बयान देकर भाजपा में हलचल पैदा कर दी थी। भार्गव ने कहा था कि रोहित गृह निर्माण सोसायटी की जांच एसटीएफ से कराई जाएगी। हालांकि इस बयान के बाद उनसे सहकारिता विभाग ही ले लिया गया था। अब गोविंद सिंह के ताजा बयान से लाजिमी है कि भाजपा खेमे में इसका असर देखने को मिलेगा। दरअसल, गोविंद सिंह ने राजधानी भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी समाचार पत्र दैनिक फ्री प्रेस से कहा है कि रोहित गृह निर्माण समिति के पूर्व पदाधिकारी घनश्याम राजपूत उनसे दो बार मुलाकात कर चुका है। पहली मुलाकात औपचारिक  थी। दूसरी मुलाकात में वह नोटों से भरे बैग के साथ आया था। उसमें लाखों रुपए थे। इस बयान के बाद गोविंद सिंह फिर सुर्खियों में आ गए हैं।

Don`t copy text!