PNB Loan Scam: डेढ़ गुना ज्यादा कीमत में फ्लैट खरीदना दिखाकर किया फर्जीवाड़ा

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पंजाब नेशनल बैंक के दो करोड़ रुपए लोन घोटाले में मुकदमा दर्ज, आरोपियों में तीन फर्म के साझेदार और बैंक अफसर को बनाया गया आरोपी

MP Fraud Case
भोपाल स्थित आर्थिक प्रकोष्ठ विंग मुख्यालय

इंदौर। (Indore Crime News In Hindi) पंजाब नेशनल बैंक से सुनियोजित तरीके से दो करोड़ रुपए के लोन घोटाले (PNB Loan Scam) का मामला सामने आया है। मामला मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh Crime News) के इंदौर (Indore Crime News) शहर का है। मामले की जांच आर्थिक प्रकोष्ठ विंग इंदौर (Economic Offense Wing Indore) ने की थी। इस मामले में एक दर्जन नामजद आरोपी बनाए गए हैं। घोटाले का मुख्य सूत्रधार पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) का सीनियर मैनेजर हैं। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के खिलाफ जालसाजी (PNB Loan Cheating Case) और भ्रष्टाचार निवारण के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

जानकारी के अनुसार इस मामले की शिकायत जनवरी, 2020 में हुई थी। शिकायत पंजाब नेशनल बैंक की निगरानी समिति के अधिकारी राजेश मोहंता (Rajesh Mohanta) ने ही की थी। मैसर्स गायत्री इंफ्रा प्रोेजेक्ट (MS Gaytri Infra Project) ने 1 करोड़ 75 लाख रुपए का लोन लिया था। यह लोन तीन किस्त में पंजाब नेशनल बैंक ने जारी किया था। कंपनी के संचालक इंदौर के धनवंतरी नगर निवासी अमोल कुमार (Amol Kumar) और अन्नपूर्णा नगर निवासी इंद्रजीत सिंह ठाकुर (Indrajeet Singh Thakur) हैं। लोन लेने के लिए आरोपियों ने मैसर्स बेलोना इंडस्ट्रीज (MS Belona Industries) के 10 फ्लैट गिरवी रखे थे। यह फ्लैट रामानिकेत बिल्डर (Ramaniket Builder) के संचालक अजय भट्ट (Ajay Bhatt) से खरीदे थे। इसके अलावा देपालपुर की जमीन भी गिरवी रखी गई थी। आरोपियों ने लोन घोषित व्यवसाय में निवेश कराने के नाम पर लिए थे।
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लेकिन, ऐसा करने की बजाय आरोपियों ने दूसरी फर्म डीडी इंटरप्राइजेस (DD Enterprises) और व्हीटी एनर्जी वेंचर (VT Energy Ventures) पर लगा दिए। डीडी इंटरप्राइजेस के संचालक इंद्रजीत सिंह ठाकुर और राकेश कुमार सिंह तिवारी (Rakesh Kumar Singh Tiwari) है। जबकि व्हीटी एनर्जी वेंचर के संचालक अमित कुमार (Amit Kumar) और विजय द्विवेदी (Vijay Diwedi) हैं। डीडी इंटरप्राइजेस का खाता इंडस इंड बैंक (Indus Ind Bank) में तो व्हीटी एनर्जी का खाता आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) में हैं। इंडस इंड बैंक में संजय द्विवेदी तो व्हीटी एनर्जी के सिग्नेचर अथॉरिटी विजय द्विवेदी के पास हैं। मामला संदिग्ध होने पर पूरे मामले की जांच की गई। जिसमें बहुत सारी छुपी हुई जानकारी निकलकर बाहर आई।
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ऐसे किया गया फर्जीवाड़ा
आरोपियों ने 10 फ्लैट जो खरीदना बताए थे उसमें गड़बड़ी पाई गई। आरोपियों ने सियागंज पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया था। पड़ताल की गई तो पता चला कि आरोपियों ने प्रत्येक फ्लैट साढ़े आठ लाख रुपए में खरीदना दर्शाया। वास्तविक रकम अजय भट्ट को दी गई। लेकिन, बाकी रकम नेहा द्विवेदी (Neha Diwedi) को चैक से दी गई। चेक इंडसइंड बैंक का था। नेहा बेलोना इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर विजय और अमित की भाभी निकली। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने गायत्री इंफ्रा के डायरेक्टर अमोल कुमार, दूसरे डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह ठाकुर, व्हीटी एनर्जी वेंचर प्रायवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमित कुमार द्विवेदी, दूसरे डायरेक्टर विजय द्विवेदी, डीडी इंटरप्राइजेस के डायरेक्टर राकेश कुमार सिंह, नेहा द्विवेदी, सीनियर मैनेजर ओजस्वी ए बजाज और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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