Bhopal Health Negligence: हिंदू परिवार ने मुस्लिम महिला की कर दी अंत्येष्टि

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Bhopal Health Negligence: हमीदिया अस्पताल की लापरवाही से कोविड महिला मरीजों की बदल गई थी लाश

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हमीदिया अस्पताल में नफीसा के परिजन जिसकी अंत्येष्टि हिंदू परिवार ने कर दी

भोपाल। मध्य प्रदेश (Bhopal Health Negligence) में स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार कोई ठोस प्रयास नहीं कर पा रही है यह आरोप कांग्रेस लगाती है। हालांकि सरकार व्यवस्थाओं को चुस्त होने का दावा करती है। लेकिन, गुरुवार को सामने आए एक मामले ने आरोपों को साबित कर दिया है। मामला बेहद गंभीर होने के साथ—साथ संवेदनशील भी है। हमीदिया अस्पताल में कोविड बीमारी से हुई दो मौत के बाद शव बदल दिए गए। एक शव मुस्लिम तो दूसरा शव हिंदू परिवार का था। हिंदू परिवार ने शव की अंत्येष्टि कर दी। उसके बाद हमीदिया अस्पताल को अपनी चूक का पता चला। इसके बाद बवाल मचा और सारा सिस्टम मामले को दबाने में जुट गया।

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जिम्मेदार बोले हम शर्मिंदा हैं

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नारायण सिंह जो भाभी का शव समझकर नफीसा का शव ले गया

नारायण सिंह (Narayan Singh) ने बताया कि वह अनपढ़ है। मुझे भाभी सीधा बाई का शव बताकर सौंप दिया गया। मैं तो बुधवार से शव लेने के लिए यहां बैठा था। जबकि नवेद अंसारी ने बताया कि उसकी नानी का शव दूसरे परिवार को सौंप दिया गया। मौत होने की सूचना हमीदिया अस्पताल से ही बुधवार—गुरुवार सुबह 4 बजे बताई गई थी। लेकिन, दोपहर तीन बजे तक शव नहीं मिलने पर यहां—वहां परिवार को घुमाते रहे। इधर, अधीक्षक डॉक्टर आईडी चौरसिया (Dr ID Chaurasiya) ने मीडिया से कहा कि नारायण सिंह की वजह से गलतफहमी हुई। हम मानते हैं गलती हुई है इसके लिए हम शर्मिंदा है।

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दो कर्मचारी सस्पेंड

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हमीदिया अस्पताल में तैनात पुलिस बल

यह खबर फैलते ही हमीदिया अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। हमीदिया अस्पताल में यह खबर पता चलते ही मीडिया भी वहां पहुंच गई। इसके अलावा अस्पताल में भारी पुलिस भी बुला ली गई। नवेद अंसारी ने बताया कि उसकी नानी नफीसा की उम्र 70 साल थी। बेटे जब्बार ने बताया कि उसकी मां का शव नहीं है। इधर, लापरवाही के इस मामले में दो कर्मचारियों को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

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