Corrupt Officer: लोन मंजूर करके ग्यारंटी में दिए चैक से निकाल ली रकम

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सीबीआई ने भारतीय स्टेट बैंक मैनेजर समेत दो के खिलाफ दर्ज किया मामला

Corrupt Officer
फाइल फोटो

जबलपुर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में जबलपुर सीबीआई (Jabalpur CBI) ने भारतीय स्टेट बैंक (State Bank Of India) के एक भ्रष्ट मैनेजर (Corrupt Officer) समेत दो के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक लोन को पहले मंजूर किया। इसके बाद उस लोन लेने वाले व्यक्ति के ग्यारंटी के रूप में लगाए चैक में रकम भरकर खाते से लोन की राशि निकाल (Withdraw) ली।
इस मामले की शिकायत राघवेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने की थी। वे पहले रीवा में चाकघाट थाने भी पहुंचे थे। लेकिन, उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। फिर त्यौथर विधायक समेत भारतीय स्टेट बैंक की विजीलेंस शाखा (State Bank Vigilance Branch ) को भी इसकी उन्होंने शिकायत की। मिश्रा ने सीबीआई को बताया कि उनका भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में सैलरी अकाउंट हैं। इस आधार पर वे बैंक में लोन लेने पहुंचे थे। उन्हें तीन लाख रुपए की आवश्यकता थी। बैंक मैनेजर ने मिश्रा को प्रोबेशनल अधिकारी कुणाल विसेन के पास पहुंचा। लोन के लिए बैंक डॉक्यूमेंट मांगे तो मिश्रा ने वह मुहैया करा दिए। इसके कुछ दिन बाद कुणाल उनके पास पहुंचा। उसने कहा कि लोन मंजूर हो जाएगा। लेकिन, बदले में 10 फीसदी कमीशन देना होगा। इसकी शिकायत लेकर मिश्रा बैंक मैनेजर के पास पहंचे। उन्होंने ऐसा करने के लिए उकसाया। फिर कुणाल ने ग्यारंटी के रूप में 7 चैक मांगे। यह चैक मिश्रा ने कुणाल को सौंप दिए। लेकिन, फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब मिश्रा का लोन मंजूर हुआ।
मिश्रा ने सीबीआई को बताया कि उन्हें जो लोन मिला था वह उन्होंने निकाल लिया था। लेकिन, मेरे दो परिचितों ने मेरे खाते में 25 हजार रुपए जमा किए थे। यह रकम उस चैक के जरिए निकाल ली गई जो बैंक ग्यारंटी के वक्त मैंने भारतीय स्टेट बैंक में कुणाल को दिए थे। मिश्रा ने आरोप बैंक मैनेजर और कुणाल पर लगाया। सीबीआई ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पद के दुरूपयोग का मामला दर्ज किया है।

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