Kashmir Issue: बच्चों को लेकर यूएन में भिड़े भारत—पाक

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संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक समिति में आयोजित कार्यक्रम में भारत का दावा, पाकिस्तान बच्चों के हित सुरक्षित करने की बजाय आतंकवादी कैंपों में पहुंचा रहा

United Nation
फाइल फोटो

दिल्ली। जम्मू—कश्मीर (Jammu & Kashmir) में धारा 370 (Artical 370) लगने के बाद भारत—पाकिस्तान (Indo-Pak) के बीच जारी शीत युद्ध (Cold War) बरकरार है। इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) में पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) को पहले ही पटखनी दे चुके हैं। अब संयुक्त राष्ट्र की ही एक समिति के आयोजित कार्यक्रम में भारत ने फिर पाकिस्तान का नाम न लिए बगैर उसको आईना दिखा दिया। यहां बच्चों और महिलाओं के हक और हित को लेकर एक कार्यक्रम चल रहा था।
जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम का विषय बाल अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण (Promotion and Protection of Child Rights) था। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN Assembly) की छह समितियों में से एक समिति का आयोजन था। इसमें भारत, पाकिस्तान समेत कई अन्य देशों के प्रति​निधि भाग लेने पहुंचे थे। पाकिस्तान की तरफ से मलीहा लोधी (Maliha Lodhi) भाग ले रही थी। भारत की ​तरफ से स्थायी मिशन सचिव पॉलोमी त्रिपाठी (Palomi Tripathi) पहुंची थी। पहले मलीहा लोधी ने कश्मीर के हालातों (Kashmir Issue) पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां सांप काट लेने पर बच्चे का इलाज करने पर कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एक महिला का उदाहरण पेश करते हुए उस बच्चे की मौत से यूएन का ध्यान आकर्षित करना चाहा था। उन्होंने यूएन सभा में पूरे मामले को ऐसे प्रस्तुत किया मानो भारत में महिला और बच्चों की सुरक्षा बहुत दयनीय है। खासतौर पर जम्मू—कश्मीर को लेकर। लेकिन, इन आरोपों पर त्रिपाठी ने बेबाक तरीके से पाकिस्तान को आईना दिखा दिया। उन्होंने अपने पूरे भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन, सभी देशों को यह अहसास करा दिया कि वे किस मुल्क की बात कर रही हैं।
त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू—कश्मीर के बच्चों के बारे में जो गलत बाते पेश की जा रही हैं उन्हें अपने दामन को देख लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ देश अपने कट्टरपंथी विचारधाराओं (Radical Ideology) के लिए बच्चों के अधिकार को छीनकर उन्हें आतंकवाद की परिभाषा पढ़ा रहे हैं। यह वह आतंकवादी समूह (Terrorist Group) कर रहा है जो राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है। त्रिपाठी ने यह भी कहा कि विषय बदलकर समिति के उद्देश्य से भटकाने की कोशिश की गई। त्रिपाठी ने कहा कि जब महिला और बच्चों के अधिकार पर बात की जा रही है तब कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुद्दे से भटकाने का काम कर रहे हैं।

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