Bhopal News: सीबीआई ने नहीं मांगी रिमांड, मीडिया के कारण होने वाली असुविधा का प्रश्र उठा,सेंट्रल जेल में सुरक्षा का सवाल खड़ा करते हुए अलग सेल की मांग रखी गई

भोपाल। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) शोभना भलावी की कोर्ट ने सीबीआई की रिमांड (Bhopal News) पर मौजूद रिटायर्ड डीजे गिरिबाला सिंह और उनके एडवोकेट पुत्र समर्थ सिंह को दो सप्ताह की जुडिशियल कस्टडी में जेल भेजने के आर्डर दिए। रिटायर्ड डीजे के कार्यकाल में लिए गए फैसलों को देखते हुए कोर्ट ने सामान्य बंदियों की जगह अलग सेल में उन्हें सुरक्षा देने के निर्देश देते हुए दो सप्ताह तक जुडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया। मां-बेटे के खिलाफ अभिनेत्री और मॉडल रहीं ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की खुदकुशी के बाद दहेज हत्या, प्रताड़ना का प्रकरण कटारा हिल्स थाना पुलिस ने दर्ज किया था। इस प्रकरण में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
रिटायर्ड डीजे ने अव्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई
गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भारी सुरक्षा इंतजाम के साथ कार्ट (Court) में लाया गया। कार्ट के भीतर मीडिया की उपस्थिति न हो सके इसलिए भारी भरकम पुलिस बल कक्ष में मौजूद रहा। सीबीआई (CBI) की तरफ से किसी तरह का रिमांड आवेदन नहीं लगाया गया। जिसके बाद पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह(Giribala Singh) ने जबलपुर हाई कोर्ट में हमले का आरोप कक्ष के भीतर लगाया गया। जिसके बचाव में ट्विशा की तरफ से मौजूद वकील ने इसे भ्रामक बताते हुए सीसीटीवी फुटेज निकालकर जांच करने की बात बोली। अधिवक्ता ने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो वह कक्ष जहां उनके पुत्र बैठे थे उस पर बहस चलने लगेगी। इधर, रिटायर्ड डीजे की तरफ से अधिवक्ता के जरिए आते-जाते अव्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई। जिसके बाद जज ने कटारा हिल्स (Katara Hills) थाना प्रभारी को बुलाया गया। कोर्ट रुम और कॉरिडोर में मौजूद सभी मीडिया कर्मियों को बाहर कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने 16 जून तक जुडिशियल कस्टडी (Judicial Custody) में जेल भेजने के आर्डर जारी कर दिए। रिटायर्ड डीजे की तरफ से एडवोकेट इनोश जॉर्ज कार्लो बचाव पर पक्ष रख रहे थे। उन्होंने जेल (Jail) के भीतर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
इसलिए अलग बैरक में रखा गया

रिटायर्ड डीजे गिरिबाला सिंह की तरफ से एडवोकेट इनोश जॉर्ज कार्लो ने कहा कि उन्होंने पॉक्सो समेत कई अन्य संगीन मामलों में फैसला सुनाया है। जिसके दोषी और विचाराधीन बंदी अभी सेंट्रल जेल (Central Jail) में मौजूद हैं। जिस कारण उनकी सुरक्षा पर चिंता जताते हुए आम बंदियों से पृथक रखने की मांग रखी गई। जिसको स्वीकारते हुए कोर्ट की तरफ से सुरक्षा को लेकर जेल विभाग को दिए गए हैं। कोर्ट से पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके एडवोकेट पुत्र समर्थ सिंह (Samarth Singh) को भोपाल सेंट्रल जेल ले जाया गया। जेल में रिटायर्ड डीजे को विचाराधीन बंदी 71 नंबर दिया है। उन्हें महिला वार्ड के अ खंड में रखा गया है। जबकि बेटे समर्थ सिंह को जेल में विचाराधीन बंदी नंबर 1782 दिया गया है। बेटे को पुरुष वार्ड में नई आमद बैरक में रखा गया।
सीबीआई बोली रिमांड बाद में ली जाएगी
कार्ट के भीतर अधिवक्ता अंकुर पांडे और अनुराग श्रीवास्तव की तरफ से मीडिया को दिए जा रहे बयानों को अव्यवहारिक बताकर उनके लायसेंस सस्पेंड करने के लिए गिरिबाला सिंह ने बात रखी। हालांकि इसको रिकॉर्ड पर कोर्ट ने लेने से इंकार कर दिया। कोर्ट में सीबीआई की तरफ से रिमांड नहीं मांगी गई। अदालत में सीबीआई ने कहा कि भविष्य में पूछताछ के लिए वह रिमांड चाहे तो मांगने का आवेदन लगा सकती है।
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