Chhattisgarh Crime: Pre Mature Child की मौत, दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग ने दिया था 15 दिन पहले जन्म

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परिवार का आरोप शिकायत के बावजूद दर्ज नहीं किया था मामला, अब मौत के बाद सुध आई, डीएनए टेस्ट कराएगी पुलिस

Chhattisgarh Crime
सांकेतिक फोटो

रायपुर। छत्तीसगढ़ (#Chhattisgarh Crime) में दुष्कर्म पीड़िता की पुलिस एफआईआर तक दर्ज नहीं करती। यह सनसनीखेज खुलासा एक प्री—मैच्योर चाइल्ड ( Pre Mature Child ) की मौत के बाद हुआ है। मामला छत्तीसगढ़ (@Chhattisgarh Crime) राज्य के सरगुजा (#Sarguja Crime) जिले का है। दरअसल, अस्पताल में 14 साल की नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया था। बच्चा 15 दिन तक जीवन और मौत से जूझता रहा। अब उसने दम तोड़ दिया है। इस मामले में परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत (Sarguja Minor Rape) के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया था। अब पुलिस कह रही है कि मृत बच्चे का डीएनए लेकर वह आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी। नाबालिग बच्ची की गर्भवती फिर उसके बच्चे की मौत हो जाने के जागी पुलिस के मामले में राज्य सरकार और पुलिस के अफसरों ने चुप्पी साध रखी है।

सरकारी सिस्टम के लचर रवैये को बयां करती यह कहानी बेहद खौफनाक है। यह घटना छत्तीसगढ़ (#Chhattisgarh Crime) राज्य के सरगुजा जिले (#Sarguja Crime) के अंबिकापुर कस्बे की है। यहां मैनपाट के कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र है। इसी इलाके में पीड़ित 14 वर्षीय बच्ची का परिवार रहता है। उसके साथ 7 महीने पहले ज्यादती (Sarguja Minor Rape) की घटना हुई थी। बच्ची से ज्यादती करने वाला आरोपी जय भगवान नाम का व्यक्ति है। वह परपटिया इलाके का रहने वाला है। आरोपी ने नाबालिग से धमकाकर बलात्कार किया था। आरोपी ने उसके घर वालों को मारने की धमकी भी दी थी। आरोपी हर दिन उसे अलग—अलग जगह बुलाकर उसके साथ बलात्कार करता रहा। धमकी की वजह से पीड़िता ने यह जानकारी परिवार को भी नहीं दी थी। इसी बीच पीड़िता को गर्भ ठहर गया था। बच्ची की हालत बिगड़ने पर परिजनों को आरोपी की हरकत का पता चला था। परिजनों ने आरोपी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने भी गए थे। लेकिन, उस वक्त पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था। निराश होकर परिजन घर वापस लौट आए थे। 7 माह बाद पीड़िता की हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पीड़िता ने प्री—मेच्योर बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म से पहले होने की वजह से उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। 15 दिन बाद अस्पताल में बच्ची की मौत हो गई।

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बच्ची की मौत के बाद सूचना डॉक्टरों ने पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और वह पीड़िता के परिवार के पास पहुंची। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के साथ डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। पुलिस को डीएनए टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसके बाद की आगे की कारवाई कि जाएगी। बताया जाता है कि  आरोपी फरार है। लापरवाही के इस मामले में पुलिस अफसरों ने चुप्पी साध ली है।

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