Bhopal Suicide Case: एम्स अस्पताल में लगाई मरीज ने फांसी

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Bhopal Suicide Case: भोपाल में एम्स अस्पताल की सुरक्षा इंतजाम पर उठने लगे सवाल

Bhopal Suicide Case
सांकेतिक चित्र

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal Suicide Case) का अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (Bhopal AIIMS News) की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। जबकि सुरक्षा के लिए लंबा—चौड़ा बजट बहाया जा रहा है। ताजा विवाद एक युवक की आत्महत्या के बाद खड़ा हुआ है। इसी घटना के साथ एक पखवाड़े के भीतर मरीजों की आत्महत्या से जुड़ा यह दूसरा मामला सामने आया है। वहीं एक अन्य घटना में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।

डॉक्टर पिता ने मां को भेजा

बागसेवनिया थाना पुलिस के अनुसार घटना 12 नवंबर की दोपहर लगभग दो बजे की है। पुलिस को एम्स अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति फंदे पर झूल गया है। शव की पहचान दीपक जायसवाल पिता डॉक्टर मनोहर जायसवाल उम्र 35 साल के रुप में हुई है। दीपक जायसवाल (Deepak Jaisawal) सीहोर का रहने वाला था। उसके पिता निजी डेंटल क्लीनिक चलाते हैं। दीपक जायसवाल की मनोस्थिति खराब चल रही थी। इस कारण पिता ने पत्नी को भेजकर 28 अक्टूबर, 2020 को एम्स अस्पताल के मनोरोगी विभाग में उसको भर्ती कराया था।

ऐसे लगाई फांसी

पुलिस ने बताया कि जहां दीपक जायसवाल (Bhopal AIIMS Hospital Suicide Case) सोता था उसी पलंग के उपर लगे पंखे से वह झूल गया था। उसने अस्पताल की चादर से ही फंदा बनाया था। उस वक्त मां सुबह का नाश्ता लेने के लिए बाहर गई हुई थी। जब मां लौटी तो बेटे को फंदे पर लटका हुआ पाया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि दीपक हमेशा अस्पताल से छुट्टी होने की जानकारी मांगा करता था। इधर, कमला नगर स्थित शारदा अस्पताल (Sharda Hospital) में भर्ती संगीता गूर्जर पति अशोक गूर्जर उम्र 36 साल की मौत हो गई। संगीता गूर्जर मूलत: छिंदवाड़ा (Chhindwara) की रहने वाली थी।

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परिजन नहीं चाहते थे पीएम

संगीता गूर्जर (Sangita Gurjar) को सर्दी—जुकाम की शिकायत थी। इसलिए उसको भर्ती कराया गया था। परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता था। लेकिन, डॉक्टर ने पुलिस को खबर दे दी थी। काफी मशक्कत के बाद परिवार पीएम के लिए राजी हुआ। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच के बिंदु तय किए जाएंगे।

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