MP Hindi News:  स्टेट पुलिस सर्विस एसोसिएशन को मांग के अनुसार नहीं मिली संख्या

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MP Hindi News: काडर रिव्यू से आईपीएस एसोसिएशन ने तालमेल बैठाने का किया प्रयास

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मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भवन- फ़ाइल फोटो

भोपाल। मध्य प्रदेश (MP Hindi News) आईपीएस कैडर रिव्यू का प्रपोजल फिर केंद्र को भेजा गया है। हालांकि पिछले अनुभव आईपीएस कैडर के लिए अच्छे नहीं थे। इसलिए इस बार बड़ी कूटनीतिक तरीके से ​कैडर रिव्यू किया गया। जिसमें कुछ पदों को सरेंडर भी कर दिया गया है। हालांकि राज्य पुलिस सेवा के अफसर अपनी मांग के अनुसार संख्या न मिलने पर भी प्रस्ताव का विरोध नहीं कर रहे हैं।

यह भेजा गया प्रस्ताव

प्रस्ताव में कहा गया है कि मध्य प्रदेश में 39 पद नए बनाए जाए। अभी मध्य प्रदेश में 166 आईपीएस (MP IPS News) अफसर है। यदि यह आंकड़ा मंजूर होता है तो संख्या 205 हो जाएगी। रिव्यू में सरकार ने पुलिस ट्रेनिंग के स्पेशल डीजी, जबलपुर होमगार्ड आईजी, आईजी पीटीआरआई, आईजी जेएनपीए सागर और आईजी आरएपीटीसी इंदौर को समाप्त करने का भी सुझाव दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिछली बार मध्य प्रदेश को कैडर रिव्यू (MP Cadre Review News) में काफी कम पद मिले थे। उस वक्त प्रदेश की आईपीएस लॉबी फैसले से मायूस हुई थी। हालांकि इस बार यह उर्जा ज्यादा दिखाई दे रही है।

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यह हुआ तो 17 साल बाद

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भोपाल स्थित आर्थिक प्रकोष्ठ विंग मुख्यालय

केंद्र सरकार ने एमपी सरकार के प्रस्ताव को माना तो ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में तैनात होने वाले एसपी राज्य पुलिस सेवा (MP State Police Service News) के अफसर नहीं होगे। यह व्यवस्था 2003 से लागू की गई थी। इस व्यवस्था के पीछे सरकार राज्य पुलिस सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों के बीच तालमेल बैठाना था। यह इसलिए हुआ था क्योंकि राज्य पुलिस सेवा के कई बैच प्रमोशन न मिलने से असंतुष्ट थे। इस कारण सीनियर रैंक अनुसार ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को तैनात किया जाता है। राज्य पुलिस सेवा एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव से पहले सरकार से कैडर रिव्यू में 32 पदों की मांग की थी। जिसमें से 20 पदों पर सरकार ने सहमति जताते हुए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है।

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