MP BSP News: दोनों ही बड़े दलों के निशाने पर रही बसपा का प्रदेश से खत्म हो रहा जनाधार

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MP BSP News: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने फूलसिंह बरैया को अपने पाले में किया, शिवराज सिंह चौहान ने संजीव सिंह कुशवाहा को, मूकदर्शक बनकर आने—जाने का नजारा देख रहे बसपा प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल, केंद्रीय संगठन के हाथ बंधे

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सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में भिंड, चंबल, ग्वालियर, सतना समेत कई अन्य जिलों में बहुजन समाज पार्टी (MP BSP News) का प्रभाव कुछ दशक पहले रहता था। पार्टी चुनाव जीते अथवा न जीते लेकिन वे विजेता के वोटों की गिनती में काफी असर डाल देती थी। इसलिए बहुजन समाज पार्टी हमेशा से बड़ी पार्टियों भाजपा—कांग्रेस के निशाने पर रहती थी। बसपा को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कभी हल्के में नहीं लिया था। उन्होंने बसपा के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष फूल सिंह बरैया (Phool Singh Barriya) की ताकत को पहचान कर कुछ साल पहले अपने पाले में कर लिया था। अब मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संजीव सिंह कुशवाहा को अपने पाले में कर लिया। इन सभी कवायदों के बीच बसपा के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल मूकदर्शक बनकर यह सबकुछ देख रहे हैं। इन घटनाओं को लेकर अभी तक केंद्रीय नेतृत्व ने पिप्पल की जिम्मेदारी तय नहीं की है।

पथरिया से विधायक को पार्टी ने चलता किया था

बहुजन समाजवादी पार्टी (Bahujan Samaj Party) के पूर्व सक्रिय कार्यकर्ता कई हाशिए पर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा संगठन और टीम उतनी सक्रिय नहीं हैं। इस कारण भिंड जिले की एकमात्र बची हुई सीट से विजेता संजीव सिंह कुशवाहा (MLA Sanjiv Singh Kushwaha) दल नहीं बदलते। इससे पहले दमोह जिले की पथरिया सटी से विधायक रामबाई सिंह को पार्टी ने ही बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उन्हें हटाने के पीछे वजह उनके मुखर होकर दिए जाने वाले बयान थे। नाम न छापने की शर्त में संगठन के मौजूदा और हाशिए पर चल रहे पदाधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक बैठकों और संवाद का सिलसिला लगभग थम सा गया है। पिछले साल जरुर केंद्रीय नेतृत्व ने अंतर सिंह राव (Antar Singh Rao) और वरूण आंबेडकर को पार्टी खड़ा करने के लिए भेजा था। उसके कोई सकारात्मक परिणाम अब तक नहीं मिले हैं। इसके बावजूद ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आलम यह है कि कई जिलों में बसपा को नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशी भी नहीं मिल पा रहे।

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दलित वोट बैंक पर नजर

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को गुलदस्ता भेंट करते हुए पार्टी ज्वाइन करने वाले विधायक। चित्र भाजपा मुख्यालय की तरफ से जारी। File Photo

भाजपा—कांग्रेस हमेशा दलित वोट पर नजर रखती है। उसके ही कारण भाजपा को प्रदेश में सीट मिली। अब यह वोट लगभग पूरी तरह से भाजपा की तरफ अपना मुंह मोड़ चुका है। कांग्रेस पार्टी ने फूल सिंह बरैया को अपने पाले में लेकर इसी साल मार्च, 2022 में शिवपुरी इलाके में प्रचार कराया था। जहां उन्होंने भाजपा के 50 सीट जीत जाने पर मुंह काला करके राजभवन जाने की बात बोल दी थी। फूल सिंह बरैया को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (EX CM Digvijay Singh) अपने साथ ले गए थे। इसके अलावा कई सक्रिय कार्यकर्ता (MP BSP News) या तो भाजपा का दामन थाम रहे हैं या फिर कांग्रेस की तरफ जा रहे हैं। उसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल (Ramakant Pipple) पर केंद्रीय नेतृत्व को पूरा भरोसा है। जबकि प्रदेश से दोनों पार्टियां बसपा का जनाधार उसके हाथों से छीन चुकी है।

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