भारत बचाओ रैली : साजिश के तहत लेट की गई कांग्रेस कार्यकर्ताओं की स्पेशल ट्रेन, PCC के 26 लाख बर्बाद

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4 घंटे लेट हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची ट्रेन, देरी पर रेलवे अधिकारियों का आधारहीन तर्क

हबीबगंज स्टेशन पर कांग्रेस कार्यकर्ता

भोपाल। शनिवार को दिल्ली (Delhi) के रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में हुई भारत बचाओ रैली (Bharat Bachao Rally) में शामिल होने गए मध्यप्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निराश होना पड़ा। ट्रेन की लेटलतीफी की वजह से कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल तक ही नहीं पहुंच पाए। सुनसान इलाकों में जगह-जगह रुकते हुए 4 घंटे देरी से हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची स्पेशल ट्रेन ने नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोश ठंडा कर दिया। 13 दिसंबर को मध्यप्रदेश के तमाम जिलों से हबीबगंज स्टेशन पहुंचे कार्यकर्ता बड़े जोश और जुनून के साथ ट्रेन में सवार हुए थे। रामलीला मैदान में होने वाली रैली का आव्हान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने किया था, लिहाजा प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाना चाहती थी। इसी तारतम्य में कार्यकर्ताओं के लिए सैकड़ों बसों के साथ-साथ स्पेशल ट्रेन (Special Train) भी बुक कराई गई थी। भोपाल से निजामुद्दीन जाने और वापस आने के लिए स्पेशल ट्रेन पर 26 लाख रुपए खर्च किए गए। लेकिन ट्रेन लेट होने की वजह से पीसीसी की तैयारियों और कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

19 घंटे में पूरा किया 11 घंटे का सफर
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बुक की गई स्पेशल ट्रेन 13 दिसंबर को दोपहर करीब 4 बजे हबीबगंज स्टेशन से रवाना हुई। ये ट्रेन 14 दिसंबर को सुबह 11 बजे निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची, जबकि रेलवे के दिए हुए शेड्यूल के मुताबिक सुबह 7 बजे ट्रेन को निजामुद्दीन पहुंचा था। यानि इस स्पेशल ट्रेन ने 700 किलोमीटर का सफर करीब 19 घंटे में पूरा किया। जबकि हबीबगंज स्टेशन से प्रतिदिन रात 9 बजे रवाना होने वाली शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस सुबह 8 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंच जाती है, करीब 11 घंटे में सफर पूरा कर लेती है।

रेलवे का तर्क सुनिए
रेलवे का तर्क सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। आईआरसीटीसी के डीजीएम के के सिंह का कहना है कि कोहरे की वजह से पीसीसी द्वारा बुक की गई स्पेशल ट्रेन लेट हो गई थी। रेलवे अधिकारी के बयान पर जब द क्राइम इन्फो ने परीक्षण किया तो सच सामने आ गया।

सच यह है कि…
13 दिसंबर 2019 को हबीबगंज या भोपाल से रवाना हुई कोई भी गाड़ी कोहरे की वजह से लेट नहीं हुई थी। पीसीसी द्वारा बुक की गई स्पेशल ट्रेन के अलावा बाकि ट्रेने टाइम पर दिल्ली पहुंच गई थी।

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1- गाड़ी संख्या 12621 तमिलनाडु एक्सप्रेस 13 दिसंबर को रात 8.30 बजे भोपाल से निकली और 14 दिसंबर को नियत समय सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंच गई।

2- गाड़ी संख्या 12615 जीटी एक्सप्रेस 13 दिसंबर को शाम 6.46 पर भोपाल से निकली और 14 दिसंबर को सुबह 6 बजे हजरत निजामुद्दीन और साढ़े 6 पर नई दिल्ली स्टेशन पहुंच गई।

3- गाड़ी संख्या 14623 पातालकोट एक्सप्रेस 13 दिसंबर को दोपहर 4.48 पर भोपाल से निकली और 14 दिसंबर को सुबह विफोर टाइम 4.58 पर दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन पहुंच गई थी।

उपरोक्त उदाहरण में तीनों गाड़िया किसी विशेष श्रेणी की नहीं है। हम दुरंतों और राजधानी एक्सप्रेस की बात नहीं कह रहे है। प्रतिदिन रवाना होने वाली गाड़ियां भी टाइम पर पहुंच रही थी, फिर स्पेशल ट्रेन क्यों लेट हुई, इस बात का जवाब रेलवे अधिकारियों के पास नहीं है।

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रामलीला मैदान नहीं पहुंच पाए कार्यकर्ता
भोपाल से तैयार होकर दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान ही नहीं पहुंच पाए। 11 बजे ट्रेन निजामुद्दीन स्टेशन पहुंची। जिसके बाद दिल्ली के ट्रैफिक में फंसी कार्यकर्ताओं से भरी बसें दोपहर करीब डेढ़ बजे तक रामलीला मैदान के पास तक पहुंच सकी। तब तक तो अन्य प्रदेशों से रामलीला मैदान पहुंचे कार्यकर्ता लौटने लगे थे। कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे रामलीला मैदान में एंट्री ही बंद कर दी गई थी। लिहाजा मध्यप्रदेश के कार्यकर्ता सड़कों पर ही घूम कर वापस लौट आए। सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं को मंच पर देखने और सुनने की ख्वाहिश दिल में ही रह गई।

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जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने दिया साथ

ट्रेन में कार्यकर्ताओं से बात करते मंत्री पीसी शर्मा

ट्रेन के इस लेटलतीफी भरे सफर में भी जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ा। तमाम मंत्री और बड़े नेता तो फ्लाइट और अन्य ट्रेनों से दिल्ली पहुंच गए थे। लेकिन मंत्री पीसी शर्मा कार्यकर्ताओं की ट्रेन से ही दिल्ली पहुंचे। पूरे सफर में वे कार्यकर्ताओं से उनकी सीट पर जाकर संवाद करते रहे। मंत्री पीसी शर्मा और भोपाल जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा के अलावा किसी भी बड़े नेता ने कार्यकर्ताओं के साथ इस ट्रेन में सफर करना मुनासिब नहीं समझा

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मोदी सरकार है… मुश्किल है कुछ होगा…
मामले में सीधे तौर पर ट्रेन लेट होने की वजह से कार्यकर्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। पीसीसी द्वारा खर्च किए गए 26 लाख रुपए जैसे पानी में ही डूब गए। इस पर मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल का कहना है कि पैसा तो एडवांस दिया जा चुका है। लेकिन वे रेलवे को शिकायती पत्र जरूर लिखेंगे। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि देश में मोदी सरकार हैं, लिहाजा रेलवे से पैसा वापस मिलना बहुत मुश्किल है।

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कार्यकर्ताओं ने ऐसे निकाला गुस्सा
सही मायनों में रैली में शामिल न हो पाए कार्यकर्ताओं ने लौटते वक्त सारी हदें पार कर दी। भोपाल स्टेशन से पहले करीब 10 बार चैन पुलिंग की गई। वहीं सफर के दौरान भी ट्रेन लेट होने की वजह से कार्यकर्ता मोदी सरकार को कोसते रहे।

साजिश नजर आती है..
भोपाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा का कहना है कि इस मामले में साजिश नजर आ रही है। बाकि सभी ट्रेनें टाइम से पहुंची और स्पेशल ट्रेन ही लेट हुई। कांग्रेस कमेटी को रेलवे ने आस्वस्त किया था कि ट्रेन सुबह 5 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंच जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।जबकि बाकी ट्रेने टाइम से दिल्ली पहुंची थी। लगता है जानबूझकर ट्रेन को लेट किया गया, मामले की जांच होनी चाहिए।

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