INX Media Money Laundering Case : Supreme Court ने दी P Chidambaram को जमानत

Share

105 दिन बाद जेल से रिहा होंगे पूर्व गृह मंत्री, विदेश जाने और मीडिया से बात करने पर रोक

पी. चिदंबरम

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court)  ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले (INX Media Money Laundering Case)  में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P Chidambaram) को जमानत दे दी और निर्देश दिया कि वह पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते और न ही मीडिया से बात कर सकते हैं। 105 दिनों तक हिरासत में रहे चिदंबरम को न तो गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करनी चाहिए और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करनी चाहिए, अदालत ने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 15 नवंबर के फैसले को रद्द करते हुए पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री को जमानत दी।

न्यायमूर्ति आर बनुमथी की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने 74 वर्षीय कांग्रेस नेता को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत प्रदान की, जिसमें इस तरह की दो ज़मानतें थीं। पीठ, जिसमें जस्टिस ए एस बोपन्ना और हृषिकेश रॉय शामिल हैं, ने चिदंबरम को किसी भी तरह का प्रेस साक्षात्कार देने या मामले के संबंध में कोई बयान देने प्रतिबंध लगाया है।

शीर्ष अदालत, जिसने देखा कि आर्थिक अपराध गंभीर हैं, ने कहा कि “जमानत देना नियम है और इनकार करना अपवाद है”

15 मई, 2017 : सीबीआई ने 2007 में विदेश से 305 करोड़ रुपये की रकम प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज की।

– 16 फरवरी, 2018 : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस संबंध में धन शोधन का मामला दर्ज किया। सीबीआई ने पूछताछ के लिए चिदंबरम को समन किया।

– 30 मई, 2018 : चिदंबरम ने सीबीआई के भ्रष्टाचार मामले में अग्रिम जमानत याचिका का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

यह भी पढ़ें:   एमपी में शहर के बाद गांव में कोरोना का ग्रहण, मंत्री ने दिए संकेत

– 23 जुलाई, 2018 : प्रवर्तन निदेशालय के धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

– 25 जुलाई, 2018 : उच्च न्यायालय ने उन्हें दोनों मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी।

– 25 जनवरी, 2019 : उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों में अग्रिम जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा।

– 20 अगस्त, 2019 : उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कीं। अदालत ने इस आदेश पर तीन दिन के लिये रोक लगाने का चिदंबरम का अनुरोध ठुकरा दिया। चिदंबरम उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने के लिये यह राहत चाहते थे।

– 21 अगस्त, 2019 : सीबीआई मामले में चिदंबरम गिरफ्तार ।

– 22 अगस्त, 2019 : चिदंबरम को चार दिन के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजा गया, जो पांच सितंबर तक समय-समय पर बढ़ता रहा।

– पांच सितंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने धन शोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत से इनकार से संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका खारिज की।

– पांच अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने निदेशालय को तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ करने और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार करने की इजाजत दी।

– 16 अक्टूबर, 2019 : निदेशालय ने तिहाड़ जेल में ही चिदंबरम से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार किया।

– 17 अक्टूबर, 2019 : चिदंबरम को 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेजा गया।

– 18 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम एवं 13 अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया।

– 21 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई की अदालत ने जांच एजेंसी के आरोप पत्र का संज्ञान लिया और 24 अक्टूबर तक पी चिदंबरम को तलब किया।

यह भी पढ़ें:   MP STF News: फर्जी डॉक्टर कर रहे थे कोरोना का इलाज

– 22 अक्टूबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम को जमानत दी।

– 24 अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में पूछताछ के लिये 30 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा।

– 25 अक्टूबर, 2019 : सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम को जमानत देने के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की।

– 30 अक्टूबर, 2019 : चिदंबरम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत के लिये दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

– 30 अक्टूबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने धन शोधन मामले में 13 नवंबर तक चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

– 13 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 27 नवंबर तक बढ़ाई।

– 15 नवंबर, 2019 : उच्च न्यायालय ने धन शोधन मामले में चिदंबरम को जमानत से इनकार किया।

– 18 नवंबर, 2019 : चिदंबरम ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने से संबंधित उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।

– 21 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने ईडी को 22, 23 नवंबर को चिदंबरम से तिहाड़ में पूछताछ की अनुमति दी।

– 27 नवंबर, 2019 : दिल्ली की अदालत ने चिदंबरम की न्यायिक हिरासत 11 दिसंबर तक बढ़ाई।

– 28 नवंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा।

– चार दिसंबर, 2019 : उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स धन शोधन मामले में चिदंबरम को जमानत से इनकार से संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय के 15 नवंबर के फैसले को निरस्त करते हुए उन्हें जमानत दे दी। चिदंबरम 21 अगस्त से 105 दिन तक हिरासत में रहे हैं।

Don`t copy text!