Rewa Crime News: दो मौतों की न्याय के लिए धरना दे रहा परिवार

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Rewa Crime News: कमजोर सिस्टम की कलई खोलती परिवार की मुंह जुबानी यह कहानी

Rewa Crime News
राजधानी में प्रदर्शन करता पीड़ित का परिवार

भोपाल। मध्य प्रदेश में न्याय पाना अब दूर की कौड़ी हो गई है। यह हम नहीं वह परिवार कह रहा है जो रीवा (Rewa Crime News) से आकर भोपाल में डेरा जमाए हैं। परिवार के दो सदस्यों की करीब सवा दो महीने पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत (Rewa Suspicious Death Case) हो गई थी। इसमें पुलिस की अलग—अलग कहानियां सामने आ रही है। वहीं परिवार का दावा है कि उनकी एक परिवार से पुरानी रंजिश है। जिसके कुछ संदेहियों की भूमिका दिख रही है। लेकिन, पुलिस जांच नहीं करना चाहती। वह आरोपियों को संरक्षण दे रही है। जबकि इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (Former CM Kamal Nath) भी डीजीपी विवेक जौहरी को पत्र लिख चुके हैं।

10 दिनों से परिवार दे रहा धरना

घटना मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित मनगंवा थाना (Mangava Death Case) क्षेत्र की है। यहां अटारी गांव में जयप्रकाश सेन उर्फ रवि और मोहित सेन (Mohit Sen) की लाश मिली थी। दोनों की मौत 3 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। जयप्रकाश सेन के बड़े भाई अरुण सेन (Arun Sen) ने बताया कि परिवार रीवा में हर बड़े अफसर की चौखट में अपनी फरियाद लगा चुका है। जब न्याय नहीं मिला तो परिवार ने राजधानी भोपाल में अनशन (Bhopal Protest Rewa Family) करने का फैसला लिया। परिवार यहां तुलसी नगर स्थित अंबेडकर पार्क में पिछले दस दिनों से लगातार धरना दे रहा है। अभी तक सरकार और प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली।

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‘पिछड़ों को न्याय दिलाने में सरकार पिछड़ी’

इस मामले में समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय (Yash Bhartiya) ने बताया कि मध्य प्रदेश में दलितों और पिछड़ों की सुध लेने में सरकार नाकाम रही है। जय प्रकाश (Jai Prakash Sen) और मोहित सेन दोनों चाची इंद्रकली सेन को छोड़कर घर आ रहे थे। पहले पुलिस ने मामले में बताया कि डूबने से मौत हुई है। जब रिपोर्ट में विरोधाभास हुआ तो वह प्रकरण दुर्घटना का बताने लगी। पीड़ित परिवार पिछड़े वर्ग से आता है जिसको सरकार और उसका सिस्टम न्याय दिलाने में पिछड़ा हुआ नजर आ रहा है। राजधानी जहां पूरा सिस्टम बैठा हुआ है वह भूख हड़ताल पर मौन है। भारतीय ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एसआईटी गठन की मांग की है।

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