Bhopal Brutal Murder: डेढ़ साल बाद तीन मौत पर एफएसएल की रिपोर्ट हुई तैयार

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Bhopal Brutal Murder: मौत वाला लड्डू जिसे दो नाबालिगों ने पिता के कहने पर खा लिया था, बच्चों की मौत के बाद पिता ने भी उसको खाकर दे दी थी जान, पारिवारिक कलह बनी तीन लोगों की मौत की सबसे बड़ी वजह

Bhopal Brutal Murder
प्रतीकात्मक फोटो

भोपाल। मध्यप्रदेश में विकास कहां पहुंचा है यह एक संगीन मामले की बहुत देरी से तैयार हुई रिपोर्ट से पता चलता है। यह सामान्य घटना भी नहीं थी। मामला तीन व्यक्तियों की मौत से जुड़ा था। जिसमें पिता और उसके दो मासूम बच्चे थे। यह घटना भोपाल (Bhopal Brutal Murder) देहात क्षेत्र के सुखी सेवनिया इलाके में हुई थी। उस वक्त शहर में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू भी नहीं हुई थी। पुलिस इस मामले की 20 महीने से जांच करने का दावा कर रही थी। अब पुलिस ने एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिसमें आरोपी पिता को बनाया गया है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस का आरोप है कि उसने दो मासूम बच्चों को जहर देने के बाद स्वयं ने भी उसी लड्डे का सेवन करके आत्महत्या कर ली थी।

पत्नी कहा आज भी पुलिस के लिए पहेली

सुखी सेवनिया थाना पुलिस के अनुसार 18 अक्टूबर की दोपहर लगभग दो बजे 272/22 धारा 302/307 (हत्या और हत्या की कोशिश का मामला) दर्ज किया गया है। यह मामला राजपाल अहिरवार पिता पूरण सिंह उम्र 35 साल, उसके 07 वर्षीय बेटे अरूण अहिरवार और तीन वर्षीय बेटी अनुष्का अहिरवार की मौत की जांच के बाद दर्ज किया है। यह घटना लगभग 20 महीने पुरानी है। उस वक्त शहर कोरोना की चपेट और भय से गुजरने के बाद उबरने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मामला सुर्खियों में आने से रह गया था। राजपाल अहिरवार (Rajpal Ahirwar) के घर में पति—पत्नी के बीच विवाद चलता था। राजपाल अहिरवार ने रोज—रोज की कलह से परेशान होकर यह कदम उठाया। ऐसा पुलिस का कहना है। घटना से पहले उसकी पत्नी दोनों बच्चों को उसके पास छोड़कर चली गई थी। परिवार वालों के तलाशने पर उसका कोई सुराग नहीं मिला था।

ऐसे बनाया था पिता ने मौत का लड्डू

Bhopal Brutal Murder
सुखी सेवनिया थाना, जिला भोपाल— फाइल फोटो

सुखी सेवनिया थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह सेंगर (TI Vijay Bahadur Singh Sengar) ने बताया कि एक प्रसाद के लड्डू में राख और जहर (Bhopal Brutal Murder) मिलाकर पहले दोनों मासूम बच्चों को खिलाया गया। इसके बाद राजपाल अहिरवार ने भी जहर खाया था। जिसके कुछ ही घंटों के अंदर राजपाल अहिरवार और उनके पुत्र अरूण अहिरवार और बेटी अनुष्का अहिरवार की मौत हो गई थी। अनुष्का की मौत तुरंत नहीं हुई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उसने भी दम तोड़ा था। पीएम रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पहचान नहीं हो पाई थी। जिसकी विस्तारित रिपोर्ट आने में लगभग डेढ़ साल से ज्यादा का समय लग गया। रिपोर्ट में पता चला है कि तीनों के शरीर में सलफाइट मिला था।

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