Job Fraud: पांच बीवियों के खर्च निकालने के लिए खोली जालसाजी की कंपनी

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एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगते थे जालसाज, दो आरोपी गिरफ्तार, दो अन्य की तलाश

Job Fraud
एसटीएफ की गिरफ्त में आरोपी दिलशाद खान और आलोक बामने जो कि युवाओं को एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठ लेते थे

भोपाल। मामला मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी से सामने आया है। यह मामला बेहद रोचक इसलिए है क्योंकि मुख्य आरोपी ने जो बताया है वह हैरान कर देने वाला है। उसकी पांच बीवियां है जिनका खर्चा वह उठा नहीं पा रहा था। इसलिए उसने जालसाजी का नेटवर्क बनाया और पैसा ऐंठने लगा। उसके निशाने पर एम्स (AIIMS) आने वाले वह युवा होते थे जो नौकरी (Job Fraud) चाहते थे।
इस गिरोह का पीछा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कर रही थी। एसटीएफ को शिकायत मिली थी कि अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (AIIMS Bhopal) भोपाल में स्टाफ नर्स की भर्ती कराने के नाम पर लड़कियों से पैसे वसूले जा रहे है। ऐसे दर्जनों युवतियां की जानकारी एसटीएफ को मालूम हुई। उनसे हुई बातचीत के बाद गिरोह (Job Fraud Racket) को खंगाला गया। इसमें बुधवार को एसटीएफ को काम​याबी मिल गई। एसटीएफ ने दो आरोपी जबलपुर निवासी दिलशाद खान और भोपाल निवासी आलोक कुमार बामने को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से एसटीएफ की टीम पूछताछ कर रही है। इसमें पता चला है कि गिरोह के लिए दो अन्य व्यक्ति काम करते थे जो एसटीएफ के पहुंचने के पहले फरार हो गए।
लाखों रुपए ऐंठे
एसटीएफ ने बताया कि गिरोह दिलशाद चला रहा था। इस संबंध में उसने बताया कि उसकी पांच बीवियां है। उनके खर्च और बच्चे के खर्च पूरे नहीं हो पा रहे थे। इस कारण उसने ऐसा किया। दिलशाद की चौथी बीवी जबलपुर में अस्पताल चलाती है। वहीं आलोक की पत्नी पटेल नगर स्थित एक छात्रावास में अधीक्षिका है। रैकेट का खुलासा करते हुए एडीजी एसटीएफ अशोक अवस्थी ने बताया कि इस काम के लिए टीआई सुभाष दरश्यामकर, एसआई आदित्य शर्मा, समेत आठ अफसर और कर्मचारी लगाए गए थे। यही टीम आरोपियों से फिलहाल पूछताछ कर रही है। एसटीएफ आरोपियों के खातों का पता लगा रही है जिसमें लेन—देन किया गया है।

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