Bhopal Murder: फिगर में ऐसा फंसा नाहर फैक्ट्री का ठेकेदार

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पति ने छोड़ा तो घर दिलाया, हर महीने देता था 10 हजार रुपए, गला दबाकर की हत्या फिर कार में शव ले जाकर बायपास पर फेंक आया, चौबीस घंटे के भीतर हत्याकांड से पुलिस ने उठाया पर्दा, दो आरोपी हुए गिरफ्तार

Bhopal Murder
हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी अजय और अब्दुल अंसारी

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में हुए एक महिला की हत्याकांड (Bhopal Murder) से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। इस मामले में पुलिस ने नाहर स्पिनिंग मिल्स (Nahar Spinning Mills) के एक ठेकेदार और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी ठेकेदार है जिसके मिल में काम करने वाली एक महिला से अवैध संबंध (Extra Martial Affair ) बन गए थे। उस महिला के पति ने उसको छोड़ दिया था। जिसके बाद ठेकेदार ने उसको रहने के लिए घर दिलाया। इतना ही नहीं वह बच्चों की परवरिश के लिए 10 हजार रुपए महीना भी देता था।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए डीआईजी सिटी इरशाद वली ने बताया कि 23 अक्टूबर की सुबह मदनी नगर में एक महिला की लाश (Dead Body) मिली थी। लाश पड़े होने की सूचना पुलिस को शाहिद खान ने दी थी। उसके पास एक पर्स भी मिला। जिसमें रखे आधार कार्ड और वोटर आईडी से उसकी पहचान 38 वर्षीय निधि ठाकुर (Nidhi Thakur) के रूप में हुई। वह मिसरोद स्थित समरधा के पास लिबर्टी कॉलोनी (Liberty Colony) में रहती थी। इस मामले में पुलिस को पहले ही शक था कि मामला हत्या का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की मुहर लग गई। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी पहले गला दबाकर हत्या (Bhopal Brutal Murder Case) की गई। उसके बाद उसको चलते वाहन से फेंका गया है। ताकि मामला दुर्घटना का प्रतीत हो। पहचान होने के बाद पुलिस ने कातिल की तलाश शुरू की। शुरूआत लि​बर्टी कॉलोनी से की गई। वहां निधि के बच्चों ने पुलिस को बताया कि वह छिंदवाड़ा के तामिया में झाड़फूंक (Chandelier) के लिए गई थी। उसके साथ अजय यादव (Ajay Yadav) भी था जो कि उसे पहले मिसरोद के राधापुरम (Radhapuram Colony) ले गया था। पुलिस ने अजय की तलाश शुरू की। पुलिस को पता चला कि वह पिपरिया (Pipriya) गया है। पिपरिया में उसके दोस्त राम सिंह से पुलिस की मुलाकात हुई। राम सिंह (Ram Singh) ने बताया कि वह रात में ही भोपाल निकल गया।

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इतनी बेरहमी से मारा
अजय 50 वर्ष मूलत: बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) का रहने वाला है। फिलहाल वह मिसरोद के राधापुरम में रहता है। पुलिस की दूसरी टीम उसके घर पहुंची तो वह उसे मिल गया। अजय को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। अजय नाहर स्पिनिंग मिल्स (Nahar Spinning Mills) में ठेकेदार (Contractor) का काम करता है। उसने बताया कि उसकी डेढ़ साल पहले निधि से पहचान हुई थी। यह पहचान बाद में दोस्ती में बदल गई। उसके पति ने उसको छोड़ दिया था। इस कारण मैंने उसको कटृटीपुरा में मकान बनाकर दिया। बाद में वह मिलन रेस्टोरेंट (Milan Restaurant) में काम करने लगी। अजय ने बताया कि लौटते वक्त उसका दोस्त कट्टी घाटी सतलापुर निवासी 50 वर्षीय अब्दुल अंसारी भी उसके साथ था। तीनों एक ही कार में थे। अब्दुल पीछे बैठा था। उसने निधि का पीछे से दबोच लिया। फिर मैंने निधि का गला घोंटकर उसको मार दिया। फिर चलती कार से शव फेंक दिया। यह घटना आरोपियों ने छिंदवाड़ा से लौटते वक्त अंजाम दी थी।
यह थी हत्या की वजह
अजय ने पूछताछ में बताया कि कि वह 10 हजार रुपए महीना भी ​निधि को देता था। इसके अलावा कभी 100 तो कभी 200 रुपए की मदद करता था। लेकिन, निधि का लालच बढ़ गया था। वह चाहती थी कि उसकी दोनों बेटियों के नाम पर वह एक—एक लाख रुपए की एफडी (Fixed Diposit) बनाकर दे। इस बात के लिए मैं तैयार नहीं था। इसके अलावा उसके कुछ अन्य व्यक्तियों से भी संबंध थे। जिनसे वह चोरी छुपे बातचीत करती थी। छिंदवाड़ा (Chhindwara) से लौटते वक्त उसके पास किसी का मोबाइल भी आया था। उस व्यक्ति के बारे में मैंने पूछा तो मुझे नहीं बताया। पुलिस ने अजय और उसके दोस्त अब्दुल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा आरोपी की वह कार जिसमें हत्याकांड को अंजाम दिया गया था उसे भी जब्त कर लिया है।

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