Bhopal Cyber Fraud: प्राइवेट बैंक कर्मचारी के साथ साढ़े 27 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा

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Bhopal Cyber Fraud: वर्चुअल करेंसी में इंवेस्ट का झांसा देकर जालसाजी,चार दिनों के भीतर नौ बैंक खातों में जमा कराई रकम,दो बार राष्ट्रीय हेल्प लाइन में दर्ज कराई थी शिकायतें

Bhopal Cyber Fraud
सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। प्राइवेट बैंक में पदस्थ बैंक एमप्लोई के साथ 27 लाख, 55 हजार 153 रुपए की सायबर धोखाधड़ी हुई। फर्जीवाड़े (Bhopal Cyber Fraud) का चार दिन बाद अहसास होने पर उन्होंने दो बार राष्ट्रीय हेल्प लाइन में शिकायत भी दर्ज कराई। मामले की शुरुआती जांच भोपाल सायबर क्राइम ने की थी। जिसमें नौ संदिग्ध बैंक खातों में रकम ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई है। जिसके बाद अब भोपाल शहर के जहांगीराबाद थाने को एफआईआर दर्ज करने के लिए नस्ती भेजी गई।

इन खातों में जमा कराई रकम

जहांगीराबाद (Jahangirabad) थाना पुलिस ने इस मामले में 29 जून को पुनीत तिवारी (Puneet Tiwari) से आवेदन लेने के बाद प्रकरण दर्ज किया है। वे नर्मदापुरम (Narmadapuram)  जिले में स्थित प्राइवेट बैंक में कर्मचारी हैं। जहांगीराबाद स्थित पुलिस लाइन में उनके पिता का सरकारी निवास हैं। वे पुलिस विभाग में अधिकारी भी हैं। घटना 25 मई से शुरु हुई थी। उन्हें फोन करके पीटर ने संपर्क किया। उसने यकीन दिलाया कि लूनो मनी लिमिटेड कंपनी (Luno Money Limited Company) पर इंवेस्ट करने पर उन्हें 30 प्रतिशत का प्राफिट मिलेगा। शुरुआत में छोटी रकम उन्होंने इंवेस्ट की। जिस कंपनी में निवेश किया गया उसमें लाभांश बहुत ज्यादा दिखाया गया। यह सबकुछ वे एक एप के माध्यम से देख रहे थे। इसके बाद वे दोगुना लाभांश देकर इंवेस्ट करते चले गए। उन्हें फर्जीवाड़े का अहसास तब हुआ जब 29 मई को उन्होंने अपनी जमा राशि में से 20 प्रतिशत निकालना चाहा। तब उनसे कहा गया कि कंपनी के खाते में उतनी ही राशि जमा करने के बाद वे खाते से निकाल सकेंगें। पुनीत तिवारी ने भारतीय रिजर्व बैंक के नियम बताकर विरोध किया तो उनके खाते और फोन नंबर को ब्लॉक कर दिया गया। पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है कि रकम मुंबई, पुणे, लखनऊ समेत अन्य राज्यों में भेजी गई। जिन खातों में रकम भेजी गई उनमें सरफराज, मोहम्मद नाजिम, आर्यन सिंह, कोमल पार्लर, एमआर हार्डवेयर समेत अन्य हैं। इन सभी लोगों के खाते पंजाब नेशनल, यस, इंडसइंड, आईडीबीआई, एक्सिस और बैंक ऑफ इंडिया में हैं। पुलिस को जिस खाते से रकम स्थानांतरित हुई उसकी मदद से जिन खातों में रकम पहुंची उन सभी लोगों के खाते पता चल गए हैं। राष्ट्रीय सायबर हेल्प लाइन के माध्यम से मनी ट्रेल को अवरुद्ध कर दिया गया है। जिसमें अभी तक दो दर्जन से अधिक खातों में वित्तीय लेन-देन करने पर रोक लगा दी गई है। सभी बैंकों को प्रकरण की विवेचना होने तक उक्त खाताधारकों को एनओसी (NOC) भोपाल पुलिस से लेने हेतु सूचना भेज दी गई है।

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