‘NEET और JEE की परीक्षा कराना मोदी सरकार की हठधर्मिता’

Share

विद्यार्थियों को कोरोना नहीं होगा, क्या ये गारंटी सरकार लेगी- कुणाल चौधरी

Kunal Choudhary
कुणाल चौधरी, विधायक, कांग्रेस, मध्यप्रदेश

भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार इस कोरोना महामारी के दौरान WHO द्वारा जारी गाइडलाइन की न सिर्फ अवहेलना कर रही है बल्कि देश के भविष्य के जीवन को भी खतरे में डाल रही है। बीजेपी सरकार को उपदेश देने के बजाय छात्रों के मन की बात सुननी चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में कोरोना वायरस के मामले और बढ़ सकते हैं, ऐसी स्थिति में परीक्षाएं कैसे कराई जा सकती हैं? केंद सरकार द्वारा मेडिकल और इंजीनियरिंग यूजी प्रवेश परीक्षाएं नीट (NEET) और जेईई (JEE) मेन के एंट्रेंस एग्जाम करने को लेकर मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और कालापीपल विधानसभा से  विधायक कुणाल चौधरी (Kunal Choudhary) ने विरोध जताते हुए यह बात कही है।

परिजन को भी फैल सकता संक्रमण

उन्होंने कहा कि जब पूरे देश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परीक्षाओं का आयोजन केंद्र सरकार की हठधर्मिता है। लाखों विद्यार्थियों को देश भर के सेंटरों पर जाना पड़े और इस दौरान उनके साथ उनके माता-पिता या कोई परिजन भी होगा। ऐसे में उन सभी परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को संक्रमण का खतरा है और बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कांग्रेस पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।

34 लाख हो गई संक्रमितों की संख्या

कुणाल चौधरी ने कहा कि सरकार भूल रही है कि देश में 0 से बढ़कर आज 34 लाख कोरोना मरीज हो गए हैं। देश में, हर रोज 60 – 70 हजार नए कोरोना मरीज सामने आ रहे है। इस दौरान नीट के लिए साढ़े 16 लाख और जेईई के लिए साढ़े 9 लाख परीक्षार्थी जो  लगभग 27 लाख परीक्षार्थी हैं। इन परीक्षार्थियों और उनके परिवार जनों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें:   MP Inspector Transfer: हबीबगंज टीआई की भोपाल से विदाई

कुणाल चौधरी ने कहा कि जेईई और नीट परीक्षार्थियों के भविष्य के लिए सबसे कठिन और महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिससे उनका भविष्य तय होगा और ऐसी परिस्तिथियों में बिना पूरी तैयारी से परीक्षा देना बच्चों के लिए और भी कठिन होगा।

बीच का रास्ता निकाले सरकार

कुणाल चौधरी ने कहा कि कोई भी नहीं चाहता कि बच्चों का साल बर्बाद हो जाये, लेकिन सरकार को कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष जो परीक्षार्थी है उनके लिए विशेष शेड्यूल बनाना चाहिए। जिसे जो साल बर्बाद हुआ है वह पूर्ण हो जाए। क्या सरकार गारंटी लेगी कि उनमें से किसी को कोरोना नही होगा?

यह भी पढ़ेंः पहली बारिश में ही बह गया भ्रष्टाचार का पुल, करोड़ों की लागत से बना था, उद्घाटन भी नहीं हुआ, देखें वीडियो

Don`t copy text!