Vyapam Scam: एसटीएफ की पहली एफआईआर के 31 आरोपी दोषी करार

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सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला, 25 को सजा सुनाएगी अदालत

Vyapam Scam
सांकेतिक ​तस्वीर

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Former Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) के कार्यकाल का बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में दर्ज एफआईआर का फैसला आ गया है। सीबीआई की विशेष अदालत (CBI Special Court) ने इस मामले में 31 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत दोषियों को सजा 25 नवंबर को सुनाएगी।

जानकारी के अनुसार फैसला विशेष न्यायाधीश एसबी साहू (Justice SB Sahu) ने सुनाया। फैसले के वक्त सारे आरोपी कठघरे में मौजूद थे। फैसला सुनाने के बाद उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया। मामले की जांच सबसे पहले राजेन्द्र नगर (Rajendra Nagar) थाना पुलिस ने की थी। जिसको राज्य सरकार ने आगे की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force) को सौंपा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रकरण की जांच सीबीआई ने की थी। एसटीएफ (MP STF) ने यह एफआईआर 2013 में दर्ज की थी। मामले की गवाही 2014 से चल रही थी। इससे पहले अदालत मामले से जुड़े आरोपी शिवरतन सिंह तोमर को 7 साल की सजा सुना चुकी है। इस मामले का एक अन्य आरोपी जुगराज सिंह फरार है।

व्यापमं को लेकर प्रदेश में विपक्ष में रही कांग्रेस (MP Congress) ने जमकर भाजपा (MP BJP) सरकार को घेरा था। इस मामले में तत्कालीन पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा (Laxmikant Sharma) भी फंसे थे। जिन्हें सीबीआई ने बाद में जांच के बाद क्लीनचिट दी थी। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में वन प्रहरी, आरक्षक, जेल प्रहरी, खाद्य निरीक्षक समेत कई अन्य पदों की परीक्षाओं में घालमेल हुआ था। इस घालमेल में नितिन मोहिन्द्रा (Nitin Mohindra) समेत व्यापमं के कई अफसर फंसे थे। घोटाले की जद में भाजपा के मंत्री संगठन के नेता और कांग्रेस के नेता भी फंसे थे। सीबीआई की विशेष अदालत ताजा फैसले पर 25 नवंबर को सजा सुनाएगी।

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