ATM Cheater : वीडियो में देखिए तकनीकी चूक का फायदा उठाकर “कार्ड खेलने” कैसे खोला बिजनेस

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  • रिश्तेदारों और दोस्तों के एटीएम लेकर देते थे उन्हें कमीशन

  • हरियाणा से भोपाल में वारदात करने आए चार युवकों को एसटीएफ ने दबोचा

  • बैंकों के 25 एटीएम, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड समेत कई अन्य दस्तावेज बरामद

  • पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया

भोपाल। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) पुलिस ने एटीएम (ATM Cheater) में वारदात करने वाले एक चार सदस्यीय रैकेट का भंड़ाफोड़ किया हैं। इस काम को गिरोह अपनी जालसाजी की भाषा में कार्ड खेलना बोलता है। इस खेल के लिए बकायदा रिश्तेदारों और दोस्तों के कमीशन पर एटीएम भी लिए जाते हैं। यह गिरोह है तो हरियाणा का लेकिन कई राज्यों में अपनी इस तकनीक से वारदात को अंजाम दे चुका हैं। एसटीएफ का दावा है कि (ATM Cheater) गिरोह ने अब तक 100 से अधिक वारदातों में 50 लाख से अधिक रकम की हेरा-फेरी कर ली है।

चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार

यह खुलासा करते हुए एसटीएफ स्पेशल डीजी पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि एडीजी अशोक अवस्थी, एसपी राजेश सिंह भदौरिया, एसपी मुख्यालय विनय पॉल की लगातार निगरानी और सुपरविजन से एक गिरोह का खुलासा करने में हमें कामयाबी मिली है। इस गिरोह को (ATM Cheater) भोपाल के अशोका गार्डन इलाके अमृत कॉम्पलेक्स के नजदीक यूनियन बैंक के एटीएम से हिरासत में लिया गया। इनसे पूछताछ की गई तो आरोपियों की पहचान सलीम पिता असलम मोहम्मद उम्र 25 साल, राशिद खान पिता यूनुस खान उम्र 25 साल, मोहम्मद नदीम पिता जमील अहमद उम्र 24 साल और मोहित रॉय पिता वेद प्रकाश रॉय उम्र 24 साल के रूप में हुई।

दो दर्जन से अधिक एटीएम

यह सभी आरोपी (ATM Cheater) हरियाणा के नूह मेवात जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से 27 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद हुए। यह एटीएम कार्ड एक्सिस, आईसीआईसीआई, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बडौदा, आईडीएफसी और पंजाब नेशनल बैंक के थे। इतनी भारी मात्रा में कार्ड रखे होने पर कोई संतोषजनकर जवाब नहीं मिला तो इनसे सख्ती बरतते हुए पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरियाणा से यहां (ATM Cheater) एटीएम में वारदात करने आए थे। इसलिए वह यूनियन बैंक के एटीएम में घुसे थे।

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फर्जी नंबर पर चल रहा था वाहन 

यह खुलासा होने के बाद आरोपियों के खिलाफ (ATM Cheater) जालसाजी, एटीएम में चोरी और सायबर सेल का मामला दर्ज किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार भी बरामद हुई। इस कार में मध्यप्रदेश का रजिस्ट्रेशन नंबर था। जिसको लेकर उन्होंने बताया कि यह पुलिस की जांच से बचने के लिए फर्जी नंबर डाला हैं। भोपाल आने से पहले आरोपी रायसेन, विदिशा में भी जाकर ठहरे थे। जिन लोगों के यहां यह ठहरे थे उनकी भूमिका का इस गिरोह में संलिप्तता को लेकर पड़ताल की जा रही है। आरोपियों को जिला अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड पर लिया गया है।

ऐसे करते थे वारदात

स्पेशल डीजी ने बताया कि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि इस (ATM Cheater) गिरोह का मास्टर माइंड कौन हैं? लेकिन, यह जरूर पता चला है कि इससे पहले इन लोगों ने कहां-कहां वारदात की हैं। आरोपियों ने पूछताछ में गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट, गोवा, हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश में वारदात करना कबूला हैं। आरोपियों का कहना है कि वे एटीएम में पैसा निकालने के लिए सबकुछ लीगल तरीके से काम करते थे। लेकिन, जैसे ही एटीएम में (ATM Cheater) पैसा आधा निकलता था तब उसे बाहर निकलने से रोक देते थे। ऐसा करने पर 30 सेकंड तक मशीन इंतजार करती हैं। इसके बाद वह ट्रांजेक्शन पर एरर मैसेज देकर लेन-देन बंद कर देती थी। इसके बाद जिस व्यक्ति के नाम से कार्ड होता है वह बनकर बैंक के कस्टमर केयर पर यह कहा जाता था कि उनका एटीएम से पैसा नहीं निकला और तकनीकी कारणों से वह बंद हो गया। इस शिकायत के बाद संबंधित खाता धारक के पैसा वापस मिल जाता था।

वीडियो में लाइव देखिए, कैसे देते थे वारदात को अंजाम, पुलिस को बताने में भी नहीं हिचके

YouTube video
आरोपी सलीम, राशिद खान, मोहम्मद नदीम और मोहित राय से बरामद एटीएम कार्ड

ऐसा करने से किसको फायदा

ऐसा करने के लिए महज 15 सेकंड लगते थे। लेकिन, इस दौरान वह एक एटीएम से (ATM Cheater) 15 से 20 हजार रुपए निकाल लेते थे। दिनभर में वह तीन एटीएम में ऐसा करते थे। इस काम को गिरोह कार्ड खेलना बोलता है। यह कार्ड आरोपियों के परिचितों, रिश्तेदारों या फिर दोस्तों के होते थे। कार्ड देने के बदले में वह जितनी रकम निकालते थे उसका 10 से 30 फीसदी कमीशन कार्ड देने वाले को देते थे। स्पेशल डीजी एसटीएफ ने बताया कि अब तक (ATM Cheater) 27 कार्ड जब्त हुए हैं। उनके खाता धारकों को लेकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए उनके बैंक से भी डिटेल मांगी जिसके बाद इस प्रकरण में उन्हें भी आरोपी बनाने की कवायद की जाएगी।

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बदल दिया ट्रेंड

एटीएम में वारदात करने वाले ऐसे ही एक गिरोह का 20 मई, 2019 को भोपाल के तलैया थाना (ATM Cheater) पुलिस ने खुलासा किया था। इस मामले में आरोपी शाकिब खान को गिरफ्तार किया था। जबकि उसका साथी खुर्शीद फरार हो गया था। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 50 एटीएम कार्ड बरामद हुए थे। गिरफ्तार में लिए गए आरोपी शाकिब ने खुलासा किया था कि आरोपी उस वक्त एटीएम की बैटरी को डिसकनेक्ट कर देते थे जब पैसा आधा निकलकर आने वाला हो। यह देखने का काम एक व्यक्ति करता था दूसरा उसका इशारा पाते ही डिसकनेक्ट करने काम करता था। आरोपियों ने इस (ATM Cheater) तकनीक को लेकर बताया कि यह काफी पुरानी हो चुकी है। इस तकनीक में कई बैंकों के एटीएम ने अब सुधार कर लिया है। इसलिए अब इस चूक का फायदा उठाकर वारदात कर रहे थे।

आरबीआई भी बेखबर

स्पेशल डीजी एसटीएफ पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि इस तरीके से वारदात होने को लेकर कोई सोच भी नहीं सकता। आरोपियों के गुनाहों की (ATM Cheater) फेहरिस्त बनाई जा रही है। वहीं वह राज्य जहां इस गिरोह ने वारदात की हैं उनको सूचित किया जा रहा है। इसके अलावा वह बैंक जो (ATM Cheater) कस्टमर केयर की शिकायत पर पैसा जमा करा देते हैं इस व्यवस्था की निगरानी में कुछ सावधानियां बरतने के नियम बनाने का सुझाव एसटीएफ की तरफ से दिया जाएगा। आरोपियों के खुलासे के संबंध में आरबीआई को भी जानकारी दे दी गई है। वह भी इस तकनीकी चूक का फायदा उठाकर पैसा कमा रहे लोगों के रैकेट से बेखबर थी।

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