MP Bank Premium Scam: कांग्रेस के खुलासे के बाद शिवराज सरकार ने दर्ज कराई एफआईआर

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MP Bank Premium Scam: फसल बीमा की राशि में किया था फर्जीवाड़ा, स्टेट बैंक असिस्टेंट मैनेजर ने रची थी साजिश

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भोपाल स्थित आर्थिक प्रकोष्ठ विंग मुख्यालय

भोपाल। आर्थिक प्रकोष्ठ विंग (Economic Offense Wing) ने फसल बीमा की राशि में हुए फर्जीवाड़े (MP Bank Premium Scam) के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। यह प्रकरण कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी (Congress Leader Kunal Choudhry) की पत्रकार वार्ता के बाद दर्ज किया गया। इससे पहले ईओडब्ल्यू (Bhopal EOW) ने पूरे प्रकरण को तीन साल से ठंडे बस्ते में डाल रखा था। इस फर्जीवाड़े का मुख्य साजिशकर्ता भारतीय स्टेट बैंक का असिस्टेंट बैंक मैनेजर था। मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले का है। इस जिले के तीन विधानसभा में उप चुनाव भी होना है।

मां के खाते में डाली रकम

ईओडब्ल्यू के अनुसार एफआईआर 6 अक्टूबर, 2020 की दोपहर में लगभग साढ़े तीन बजे की गई। जबकि कांग्रेस भवन में इस संबंध में सुबह 11 बजे पत्रकार वार्ता ली गई थी। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने धारा 409/420/120बी/13(1) (2) (सरकारी राशि का गबन, जालसाजी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी सुनील सिंह भदौरिया (Sunil Singh Bhadouriya) है। वह भारतीय स्टेट बैंक शिवपुरी (Shivpuri Bank Scam) स्थित रन्नोद शाखा में असिस्टेंट बैंक मैनेजर था। आरोपी ने मां राधा भदौरिया (Radha Bhadouriya) के खाते में मोटी रकम डालकर उसको निकाला था। जबकि यह रकम बीमा प्रीमियम की थी।

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

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भारतीय स्टेट बैंक इंडिया—फाइल फोटो

आरोपी सुनील सिंह भदौरिया (Sunil Singh Bhadouriya Scam) ने बेहद शातिर तरीके से इस घोटाले (SBI Ghotala) को अंजाम दिया। उसने किसानों के नाम फर्जी बही—खाते बनाए थे। जिनके खाते से बैंक प्रीमियम (Bank Premium Ghotala) भी जमा हुआ। लेकिन, किसान इस बात से बेखबर थे। यह किसान संग्राम सिंह, विजय सिंह यादव, मोहम्मद शकील, राम सिंह रजक, रघुराज रघुवंशी समेत कई अन्य थे। इनके खाते में सुनील सिंह भदौरिया ने रकम जमा कराई। इसके बाद वहां से मां राधा भदौरिया के खाते में उसको जमा कराया गया। जबकि वास्तविक किसान इस पूरी बात से बेखबर थे।

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मामले को दबाए रही ईओडब्ल्यू

जानकारी के अनुसार यह फर्जीवाड़ा 2015 में अंजाम दिया गया। जिसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में अक्टूबर, 2017 में हो गई थी। मामला 1009 किसानों के क्रेडिट स्कीम का था। इसके लिए 20 लाख 38 हजार रुपए से अधिक की रकम बीमा कंपनी को देने के लिए रन्नोद बैंक को दी गई थी। लेकिन, असिस्टेंट बैंक मैनेजर सुनील सिंह भदौरिया ने 11 महीने तक बीमा की रकम ही नहीं दी। सितंबर, 2016 में ड्राफ्ट को निरस्त करके फर्जी किसानों के खाते में रकम डाली गई। उन फर्जी किसानों के खाते से रकम निकालकर मां के खाते में भेजी गई।

कमल नाथ ने माफिया की कमर तोड़ी

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कुणाल चौधरी, विधायक, कांग्रेस, मध्यप्रदेश

विधायक कुणाल चौधरी ने मीडिया से कहा था कि ऐसे ही फर्जी किसानों को चुन—चुनकर उनके खाते तत्कालीन कमल नाथ (EX CM Kamal Nath) सरकार ने बंद कराए थे। लेकिन, मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) की सरकार माफियाओं को संरक्षण देकर जांच रिपोर्ट को जांच करने के लिए कमेटी बनाकर ठंडे बस्ते में डालने का काम कर रही है। चौधरी ने कहा कि इस मामले की शिकायत कांग्रेस बैंकिंग लोकपाल में भी करने जा रही है। ताकि वास्तविक किसानों को उनका हक मिल सके।

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