पीएम मोदी के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाएगी युवा कांग्रेस

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अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने कहा- बेरोजगारी के लिए प्रधानमंत्री मोदी जिम्मेदार

Kunal Choudhary
कुणाल चौधरी, विधायक, कांग्रेस, मध्यप्रदेश

भोपाल। देशभर में युवा कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाएगी। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक कुणाल चौधरी ने कहा कि देश में बेरोजगारी की वजह सिर्फ और सिर्फ पीएम मोदी ही है। लिहाजा उनके जन्मदिवस 17 सितंबर को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।  उन्होंने कहा कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा युवा आबादी भारत में है, जोकि हमेशा से हमारे देश की ताकत रही है, लेकिन जब से देश में बीजेपी की सरकार आई है तब से देश में बेरोज़गारी दर कई गुना बढ़ गई है।

राहुल गांधी ने चेताया था, लेकिन पीएम मोदी लिट्टी चोखा खाने में व्यस्त थे

कुणाल चौधरी ने कहा कि सीएमआईई के आंकड़े बताते है कि पिछले कुछ महीनों में दो करोड़ से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है, ये चिंता का विषय है। चौधरी ने कहा कि पिछले लोकसभा सत्र में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भांप लिया था की सरकार की अर्थव्यस्था, बेरोज़गारी और कोरोना से लड़ने को लेकर कोई भी ठोस तैयारी नहीं की थी। इसलिए फरवरी में लिट्टी चोखा खाकर फोटो खिंचवा रहे प्रधानमंत्री मोदी चेताया था। लेकिन सरकार ने एक न सुनी और अब हम कोरोना के 50 लाख केस की तरफ बढ़ रहे हैं।

सुनिए क्या कहा कुणाल चौधरी ने

-23 फीसदी हो गई जीडीपी

कुणाल चौधरी ने कहा कि देश के लिए अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक के बाद एक बुरी खबर आ रही है। अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी एनएसओ द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून की पहली तिमाही के लिए भारत की जीडीपी -23.9 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। जून तिमाही के जीडीपी के आंकड़े स्वतंत्रता के बाद से भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास में सबसे ख़राब प्रदर्शन है। जारी एनएसओ के आंकड़े इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्यूंकि यह महामारी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति पर पहला सरकारी बेंचमार्क साबित होगा।

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कुणाल चौधरी ने कहा कि 2020-21 की अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान कृषि को छोड़कर सभी क्षेत्रों में ज़बरदस्त गिरावट देखी गयी है। निर्माण क्षेत्र में 50.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में 39.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इन दो उद्योगों के अलावा, बिजली, गैस, पानी की आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में 7 फीसदी की गिरावट आई है।  होटल, परिवहन, संचार और सेवाएं 47 प्रतिशत सिकुड़ी हैं। कुणाल चौधरी ने कहा कि इन आकड़ों से ज़ाहिर है भारतीय अर्थव्यवस्था का बुरा दौर आगे भी जारी रहने वाला है।

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