Bhopal News:  नेता, पुलिस और हिप्नोटिज्म का जानकार शातिर जालसाज

Share

Bhopal News: अदालत की फटकार के बाद पुलिस ने आवेदन पर दर्ज किया जालसाजी का मामला

Bhopal News
बहरुपिए पर केन्द्रीत सांकेतिक चित्र

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ताजा न्यूज (Bhopal News) टीटी नगर थाने से सामने आ रही हे। भोपाल की न्यूज बहुत पहले सामने आ जाती। लेकिन, पुलिस ने इसे लेटेस्ट भोपाल न्यूज बनने से रोका। यह आरोप जालसाजी के शिकार एक व्यक्ति ने लगाया है। उसका कहना है कि जिस व्यक्ति ने उसके साथ फर्जीवाड़ा किया वह नेता, पुलिस और हिप्नोटिज्म का जानकार बताता था। थाने के चक्कर काटने के बाद उसने अदालत की मदद ली। जिसके बाद मिली फटकार पर पुलिस ने केस दर्ज किया।

अदालत ने रिपोर्ट मांगी

टीटी नगर थाना पुलिस ने 28 अप्रैल को धारा 420/406 जालसाजी और गबन का केस दर्ज किया है। इस मामले का आरोपी दाता कॉलोनी निवासी श्रीपाल राठौर (Shripal Rathore) है। शिकायत सुशील कुमार रैकवार पिता दुर्गा प्रसाद रैकवार ने दर्ज कराई है। वह पंचशील नगर स्थित जयभीम नगर इलाके में रहता है। उसके साथ लगभग चार लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। उसने यह शिकाययत सीएसपी टीटी नगर संभाग उमेश तिवारी (CSP Umesh Tiwari) केे अलावा थाने में भी की थी। लेकिन, कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। नतीजतन, उसको अदालत की शरण में जाना पड़ा। जेएमएफसी शिवराज सिंह गवली (JMFC Shivraj Singh Gavli) ने 1 अप्रैल को आदेश दिया कि पुलिस पूरे प्रकरण की जांच करके कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। जिसके बाद यह केस दर्ज किया गया।

यह भी पढ़ें: बलात्कार का एक मामला जिसको दबाने के लिए दी गई थी रिश्वत, लेकिन इस कांड के कारण खुल गया मामला

यह भी पढ़ें:   Political Protest: घंटे बजाकर सरकार के खिलाफ भाजपा का जबरदस्त प्रदर्शन, प्रदेश भर में दो लाख से अधिक गिरफ्तारियां

कार का किया था सौदा

Bhopa News
सांकेतिक चित्र

सुशील कुमार रैकवार (Sushil Kumar Raikwar) ने द क्राइम इंफो से बातचीत में बताया कि वह पेशे से ड्रायवर है। उसने टैक्सी कोटे की इंडिगो कार एमपी—04—टीए—5421 खरीदने का सौदा किया था। सौदा मई, 2016 में साढ़े पांच लाख रुपए में हुआ था। साले नरेन्द्र के हाथों से एक लाख रुपए नकद दिए गए थे। बाकी रकम उसने 11 हजार रुपए किस्तों में चुकाई थी। किस्त चुकाने तक कार सुशील कुमार रैकवार के पास थी। आरोपी श्रीपाल राठौर ने अक्टूबर, 2019 में कार के दस्तावेज और कार ट्रांसफर कराने के लिए ली थी। इसके बाद वह उसने वापस नहीं लौटाई। रैकवार का दावा है कि आरोपी उसको वकील तो कभी क्राइम ब्रांच का अफसर तो कभी भाजपा का नेता बताकर धौंस दिखाता था।

Don`t copy text!