MP Digital Arrest: मुंबई पुलिस अधिकारी बनकर सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई अफसर बताकर रकम ऐंठी

भोपाल। अरेरा कॉलोनी में रिटायर्ड एक अधिकारी और उनकी वृद्ध पत्नी को सायबर जालसाजों ने डिजीटल अरेस्ट कर लिया। आरोपियों ने व्हाट्स एप पर बैंक में गलत लेन-देन पर सीबीआई कार्रवाई का भय दिखाकर चौबीस घंटे से अधिक बंधक रखा। यह घटना भोपाल (MP Digital Arrest) शहर के हबीबगंज थाना क्षेत्र की है। इस दौरान सीबीआई जांच से संबंधित फर्जी आदेश की कॉपियां भी उनके मोबाइल में भेजी थी। जालसाजों ने वीडियो कॉल में बंधक बनाकर उनके दो खातों से 37 लाख, 60 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। इस मामले में हबीबगंज थाना पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है। लेकिन, मामले की जांच भोपाल सायबर क्राइम कर रही है।
एफडी तोड़ने के लिए जालसाजों ने बैंक पहुंचाया
हबीबगंज (Habibganj) थाना पुलिस के अनुसार 75 वर्षीय अविनाश कक्कड (Avinash Kakkar) अरेरा कॉलोनी (Arera colony) स्थित ई-5 में 70 वर्षीय पत्नी शशि कक्कड़ (Shashi Kakkar) के साथ रहते हैं। वे मंडीदीप स्थित एक निजी कारखाने के रिटायर्ड अधिकारी हैं। उनके पास 30 अप्रैल की रात को व्हाट्स एप पर वीडियो कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्तियों ने पुलिस की ड्रेस पहन रखी थी। अविनाश कक्कड़ से बोला गया कि वे मुंबई से सीबीआई अधिकारी हैं। उनके फेडरल और इंडस इंड बैंक (IndusInd Bank) में गलत तरीके से पैसा जमा हुआ है। इस कारण सीबीआई उनके खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है। जालसाजों ने बोला वृद्ध दंपति के खाते में मौजूद पैसा शून्य करने के बाद ही बच सकेंगे। यदि कोई संदिग्ध लेन-देन नहीं पाया गया तो रकम वापस लौटा दी जाएगी। इसके बाद जालसाजों ने उनके बैंक में जाकर रकम ट्रांसफर कराने अविनाश कक्कड को भेजा। इस दौरान ग्यारंटी के रूप में उनकी वृद्ध पत्नी शशि कक्कड को वीडियो कॉल (Video Call) में नजर बंद रखा गया। रकम ट्रांसफर कराने के बाद वे अपने घर वापस लौटे तो जालसाजों को पता चला कि दंपति के नाम पर दो एफडी भी है जो कि 15-15 लाख रुपए की हैं। इसे भी तोड़ने के लिए जालसाजों ने बैंक में पहुंचाया। लेकिन, बैंक अधिकारियों ने उसे यह बोलकर तोड़ने से इंकार कर दिया कि अभी उसका समय पूरा नहीं हुआ है।
इसके बाद अविनाश कक्कड़ घर पर वापस लौट आए। जब वे लौटे तो उनकी वृद्ध पत्नी गिर गई। जिस कारण उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। आरोपी जालसाजों ने एम्बुलेंस न बुलाने के लिए बोला। उनका कहना था कि उनकी टीम घर पर डॉक्टर लेकर आ जाएगी। वृद्धा इस दौरान तड़पती रही और अविनाश कक्कड़ कई बार जालसाजों से गिड़गिड़ाए भी थे। जब यह संवाद चल रहा था तभी वृद्ध दंपति की बेटी वहां आ गई। उन्होंने यह पूरे मामले में वीडियो कॉल काटकर राष्ट्रीय हेल्प लाइन के जरिए मदद मांगी। जिसमें जीरो पर प्रकरण दर्ज करके हबीबगंज थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई। हबीबगंज थाना पुलिस ने प्रकरण 276/26 दर्ज कर लिया है। आरोपियों ने लगभग चौबीस घंटे तक दंपति को बंधक बना रखा था। भोपाल सायबर क्राइम (Bhopal Cyber Crime) ने इस मामले की केस डायरी अपने पास ले ली है। हबीबगंज थाना पुलिस का कहना है कि वह उन खातों की जानकारी जुटा रही है जिसमें पैसा पहुंचा है। इसके अलावा जिन नंबरों से कॉल हुए उनके बारे में भी टेलीकॉम कंपनी से रिकॉर्ड मांगा गया है। गिरने के कारण कूल्हे की हड्डी टूटने पर वृद्धा का 05 मई को ऑपरेशन किया जाएगा।
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