पुलिस हुई Mob Lynching की शिकार, भीड़ ने किया सीएसपी पर हमला, आईसीयू में भर्ती

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मौके पर पहुंचे डीआईजी सिटी इरशाद अली समेत पुलिस बल ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा, सीएसपी भोपाल फ्रैक्चर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती

Mob Lynching
पथराव में जख्मी सीएसपी भूपेन्द्र सिंह भोपाल फ्रैक्चर अस्पताल के आईसीयू में जाते हुए

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी (Bhopal) से भीड़ के न्याय (Mob Lynching) करने की खबर मिल रही है। मामला रेलवे विभाग (Railway) की जमीन पर बनीं दुकानों को तोड़ने से शुरू हुआ था। जब पुलिस का अमला भीड़ को काबू करने पहुंचा तो उसने सीएसपी पर पथराव (Stone Pelting) कर दिया। हमले में सीएसपी समेत पांच पुलिसकर्मियों के जख्मी (Attack On Police) होने के समाचार हैं। शाहपुरा पुलिस (PS Shahpura) इस मामले में कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार घटना शाहपुरा थाना  क्षेत्र के सब्जी फॉर्म के पास की है। यहां रेलवे कॉलोनी बनी है जिसके अध्यक्ष केके पुरोहित (KK Purohit) हैं। पुरोहित पर आरोप है कि उन्होंने 11 दुकाने अवैध तरीके से बना ली थी। इन दुकानों की वजह से नजदीक बनी मल्टी के लोगों का रास्ता बंद हो गया था। इस बात की शिकायत कमिश्नर, कलेक्टर से लेकर तमाम आला अफसरों से की गई थी। रहवासियों का आरोप है कि पुरोहित को तत्कालीन सांसद आलोक संजर (BJP Leader Alok Sanjar) का सहयोग प्राप्त था। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही थी। इस कारण मल्टी के लोगों ने बुधवार सुबह स्वयं ही न्याय करने का फैसला किया। भारी संख्या में भीड़ 11 दुकानों को जमींदोज (Sabotage) करने पहुंच गई। जिसकी सूचना पुलिस को मिली और वे मौके पर पहुंचे।

Mob Lynching
उग्र भीड़ का निशाना बने पुलिसकर्मी अपने जख्म दिखाते हुए

पुलिस भीड़ को समझाने जा रही थी। लेकिन, इसी बीच पथराव हो गया। इस पथराव में हबीबगंज संभाग के सीएसपी भूपेन्द्र सिंह जख्मी हो गए। उन्हें अरेरा कॉलोनी स्थित भोपाल फ्रैक्चर अस्पताल (Bhopal Fracture Hospital) में भर्ती कराया गया है। हमले की सूचना मिलने पर डीआईजी सिटी इरशाद वली स्वयं वहां पहुंच गए। इसके बाद पुलिस छावनी बने इलाके में पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को खदेड़ दिया। इस मामले में कार्रवाई को लेकर अपराह्न चार बजे तक पुलिस के अफसर फैसला नहीं ले सके। एसडीओपी मिसरोद संभाग अनिल त्रिपाठी (SDOP Misrod Anil Tripathi) ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में हैं। एफआईआर को लेकर आला अफसरों से राय ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में बलवा, तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धारा में मामला दर्ज किया जा रहा है।

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