Out Of Turn Promotion : किसान कर्ज के बाद प्रदेश में सबसे तेज पुलिस महकमे का निर्णय

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Out Of Turn Promotion
फाइल फोटो : पुलिस मुख्यालय में कानून व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ

आदेश जारी होने के एक सप्ताह के भीतर में 17 पुलिस कर्मचारियों को क्रम पूर्व पदोन्नति के आदेश जारी, कुख्यात नक्सलियों को मारने में थे शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस में क्रम पूर्व पदोन्नति (Out Of Turn Promotion) की व्यवस्था 20 अगस्त से प्रभावी हुई है। इस आदेश पर मुख्यालय ने इतनी जल्दी निर्णय लिया कि वह ऐतिहासिक बन गया। इससे पहले कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री कमलनाथ (CM Kamalnath) ने किसानों के कर्ज मामले में निर्णय लेकर ऐतिहासिक निर्णय लेने का दावा किया था। हालांकि मुख्यालय के भीतर ही यह सुगबुगाहट पहले से ही थी कि 17 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नति दी जा रही है।

जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय की तरफ से क्रम पूर्व पदोन्नति (Out Of Turn Promotion) होने के आदेश संबंधित कोई समाचार सामने नहीं आया था। लेकिन, इस आदेश के प्रभाव से लाभाविंत पुलिस कर्मियों का समाचार बुधवार को पुलिस मुख्यालय ने जारी किया है। यह आदेश राजीव गांधी की याद में कांग्रेस सरकार की तरफ से जारी किया गया था। पुलिस महकम में क्रम पूर्व पदोन्नति दिए जाने की व्यवस्था मार्च, 2012 से बंद हो गई थी। यह आदेश तत्कालीन डीजीपी नंदन दुबे की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने लिया था। इस मामले में ​तत्कालीन डीजीपी का कहना था कि क्रम पूर्व पदोन्नति (Out Of Turn Promotion) में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही थी। दस्यू उन्मूलन की समस्या समाप्त हो गई थी। इसलिए इसे लागू रखने के निर्णय पर समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया था।

फैसलों को लेकर यह थी वजह

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पुलिस मुख्यालय (PHQ) के अनुसार जिन्हें इसका लाभ दिया जा रहा है उन्होंने 14-14 लाख के इनामी दो कुख्‍यात नक्‍सलियों (Hardcore Naxalite) को मार गिराया था। यह सभी हॉकफोर्स टीम के कर्मचारी हैं। मुख्यमंत्री ने इन जवानों की स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान देने के बाद तारीफ भी की थी। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने क्रम पूर्व पदोन्नति (Out Of Turn Promotion) दिए जाने का फैसला लिया था। यह जानकारी देने के लिए पुलिस मुख्यालय को 8 दिन बीत गए। मुख्यमंत्री के आदेश के परिप्रेक्ष्य में ही यह निर्णय लिया गया है। जिन्हें क्रम पूर्व पदोन्नति दी गई है। उन्होंने 9 जुलाई की दरम्‍यानी रात बालाघाट जिले के ग्राम नेवरवाही के पुजारीटोला में हुई मुठभेड़ के दौरान 14-14 लाख के इनामी दो कुख्‍यात नक्‍सलियों को मारा था। प्रत्येक नक्सली पर मध्‍यप्रदेश सरकार की तरफ से 3, छत्तीसगढ़ राज्य की तरफ से 5 और महाराष्ट्र की तरफ से प्रत्येक पर 6 लाख रुपए का इनाम (Cash Reward) रखा गया था।

यह था इतिहास
मुख्यालय ने बताया कि मारे गए दोनों नक्‍सली टाडा एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्‍य थे। यह छत्‍तीसगढ़, महाराष्‍ट्र और मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में नक्‍सल गतिविधियां संचालित की जा रहीं थीं। इन नक्‍सलियों से आधुनिक हथियार भी पुलिस ने बरामद किए थे। मारे गए नक्‍सली युवक की शिनाख्‍त अशोक उर्फ मंगेश, जो छत्‍तीसगढ़ के राजनांदगांव के ग्राम कुर्रेझर का निवासी था। मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्‍सली की पहचान नंदे के रूप में हुई जो छत्‍तीसगढ़ के बस्‍तर क्षेत्र की रहने वाली थी। दोनों टाडा एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्‍य थे।

इन्हें मिला फायदा
जिन 17 पुलिस क‍र्मचारियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन (Out Of Turn Promotion) मिला है, उनमें एक उपनिरीक्षक को निरीक्षक, तीन प्रधान आरक्षकों को सहायक उप निरीक्षक और 13 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक के पदों पर पदोन्‍नति मिली है। मुख्‍यालय ने उप निरीक्षक अमित सिंह सैयाम को निरीक्षक पद पर पदोन्‍नति दी है। इसी प्रकार प्रधान आरक्षक अजीत सिंह, विपिनचंद्र खल्‍खो और राम पदम शर्मा को सहायक उप निरीक्षक बनाया है। आरक्षक गंगाराम परस्‍ते, प्रवीण कुमार परतेती, भीमसिंह पटेल, अजय कुमार पटेल, नाहर सिंह नरवरिया, फूलचंद कुशवाह, संदीप उपाध्‍याय, राजेश गौड़, आशीष कुमार, लक्ष्‍मीकांत शुक्‍ला, दीपक कुमार तिवारी, अरविंद सिंह गुर्जर और प्रवीण चौरे को प्रधान आरक्षक के पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन (Out Of Turn Promotion) दिया गया है।

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