Bhopal Fraud News: नेफ्यू ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर रची गहरी साजिश, तीन साल तक थाने की सीमा तय नहीं कर सके अधिकारी

भोपाल। करीब दो करोड़ रुपए के एक बड़े फर्जीवाड़े के मामले में भोपाल (Bhopal Fraud News) शहर की कोलार रोड थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। इसमें पीड़ित वयोवृद्ध एनआरआई डॉक्टर हैं। जिनसे अरेरा कॉलोनी और कोलार रोड की एक कॉलोनी का बंगला खरीदने के अलावा लग्जरी कार खरीदने के नाम पर दो करोड़ रुपए ऐंठ लिए गए। उन्होंने इस पूरी साजिश के लिए अपने ही सगे भांजे और उसकी गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला तीन साल से पुलिस के पास क्षेत्राधिकार तय नहीं होने के कारण यहां—वहां भटक रहा था।
बहन की मदद करने के नाम पर झांसे मे लिया
कोलार रोड (Kolar Road) थाना पुलिस के अनुसार डॉक्टर नरेश शर्मा पिता स्वर्गीय दुर्गा प्रसाद शर्मा उम्र 70 साल अमेरिका (America) में रहते हैं। उनकी बहन प्रगना त्रिपाठी (Pragna Tripathi) उत्तर प्रदेश के ललितपुर (Lalitpur) जिले में रहती है। उसके पति से 2018 में तलाक हो गया था। उसी दौरान डॉक्टर नरेश शर्मा (Dr Naresh Sharma) की पत्नी का भी निधन हो गया था। जिस कारण वह उसकी अस्थि विसर्जन के साथ बहन से मुलाकात करने पहुंचे थे। उनका नेफ्यू निशिथ त्रिपाठी (Nishith Tripathi) उसी दौरान मिला। उसने अपनी गर्लफ्रेंड प्रगति श्रीवास्तव (Pragati Shrivastav) से भी परिचय कराया। उसको गंभीर बीमारी बताते हुए इलाज में सलाह भी मांगी थी। उसी दौरान उसने पीड़ित का नंबर लिया था। वह कभी—कभी व्हाट्स एप कॉलिंग करती थी। उसी साल बहन ने फोन करके बताया कि उसे भांजे ने घर से निकाल दिया है। जिस कारण उन्होंने प्रगति श्रीवास्तव की मदद से उसे घर पर रखने बोला। कुछ साल उसके साथ पीड़ित की बहन रहने लगी। इसके बाद प्रगति श्रीवास्तव ने सितंबर, 2022 में कोलार रोड स्थित सिंगापुर विला (Singapore Villa) में बंगला खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया। उसके कहने पर उन्होंने बंगले का सौदा 88 लाख, 45 हजार रुपए में तय कर लिया। जिसकी रकम वह किस्त में प्रगति श्रीवास्तव के खाते में देते रहे। बंगले की पूर्व मकान मालिक अपर्णा ताम्रकार (Aparna Tamrakar) थीं। उन्होंने भारत में आकर रजिस्ट्री भी कराई। उस वक्त बिल्डर संतोष वाधवानी (Builder Santosh Wadhwani) भी मौजूद थे। उसी दौरान प्रगति श्रीवास्तव के कहने पर उन्होंने 18 लाख रुपए में कार (Car) भी खरीदी थी। प्रगति पर यकीन करते हुए उन्होंने खरीदा हुआ बंगला उसे ही पांच हजार रुपए महीना किराए पर रहने के लिए दे दिया। जिसकी रकम उसने पांच महीने तक खाते में जमा भी कराई थी।
यहां से डॉक्टर को हुआ शक

प्रगति श्रीवास्तव सिंगापुर विला के बंगले में होने वाले खर्च भी मांगने लगी। जिसका भुगतान उन्होंने कई बार उसके ही खाते में किया था। इसके बाद प्रगति श्रीवास्तव बोलने लगी कि उसकी राजनीतिक पहुंच बहुत ज्यादा है। वह राजनेताओं से बोलकर किसी स्टेट का राज्यपाल बना सकती है। इसके अलावा उसने प्रलोभन देकर मेडिकल बोर्ड का चेयरमेन बनने का भी झांसा (Bhopal Fraud News) दिया। जिसके लिए वह दो करोड़ रुपए का खर्च बता रही थी। यह बातें उन्हें संकोच में पैदा करने लगी। इसके बाद प्रगति श्रीवास्तव ने वयोवृद्ध से प्रभावित होकर गलत तरीके से संतान प्राप्ति के लिए प्रस्ताव रखा। इस बात को लेकर उन्होंने उसे फटकारा भी दिया था। जब यह घटनाक्रम चल रहा था तभी जनवरी, 2024 में पीड़ित से आकाश शुक्ला (Akash Shukla) नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने बताया कि उनकी अरेरा कॉलोनी (Arera Colony) में स्थित ई—3 का बंगला और सिंगापुर विला (Singapore Villa) कॉलोनी का बंगला उनके नाम पर नहीं हैं। उनके पास जो दस्तावेज है वह जाली है। यहां से फर्जीवाड़ा उजागर हुआ तो उन्होंने भारत आकर आरटीआई (RTI) के जरिए पूरे मामले का पता लगाया। आरटीआई में पता चला कि कार और सिंगापुर विला का बंगला प्रगति अग्रवाल ने अपने नाम पर खरीदा है। वहीं ई—3 का बंगला निशिथ त्रिपाठी ने अपने नाम पर किया है। उन दोनों संपत्तियों में पीड़ित को गवाह बनाया गया है। इस मामले में उन्होंने 2024 में ही समस्त दस्तावेजों के साथ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर दी थी। जिसमें पहले जोन—1 कार्यालय ने जांच की फिर यह मामला जोन—4 कार्यालय के पास पहुंचा। जिसमें एक सप्ताह तक चली जांच के बाद कोलार रोड थाना पुलिस ने जालसाजी का प्रकरण 299/26 प्रगति श्रीवास्तव और निशिथ त्रिपाठी के खिलाफ दर्ज कर लिया है। पुलिस लेन—देन से जुड़े सभी बैंक डिटेल के अलावा कॉल डिटेल और व्हाट्स एप चैट भी जांच के लिए सुरक्षित रख ली है। मामले की जांच एसआई जितेंद्र केवट (SI Jitendra Kewat) कर रहे हैं। जिन्होंने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में रजिस्ट्रार ऑफिस (Registrar Office) से दस्तावेज बरामद करने के बाद उनके हस्ताक्षर मिलान समेत अन्य तमाम वैज्ञानिक जांच अभी की जाना बाकी है।
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