Bhopal Court Order: कांग्रेस विधायक समेत 14 को एक साल की जेल

Share

एक दशक पहले सिंचाई विभाग के एसडीओ से की थी मारपीट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धारा में दर्ज था मामला

Bhopal Court
फाइल फोटो : भोपाल कोर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के श्योपुर (Sheopur) जिले में सिंचाई विभाग (Irrigation Department) के एसडीओ, सब इंजीनियरों से मारपीट को लेकर दर्ज सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में भोपाल जिला अदालत (Bhopal Court Order) ने श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबूलाल सिंह उर्फ जंडेल (Congress MLA Babulal @ Jandel) और उनके 13 समर्थकों को एक साल के सश्रम कारावास—जुर्माने (Rigorous Imprisonment-Fine) की सजा सुनाई है। राजनीतिक मामलों के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुरेश सिंह (Justice Suresh Singh) ने श्योपुर की निचली अदालत के फैसले को यथावत रखते हुए यह फैसला (Judgement) सुनाया है।
मामला 2 जनवरी, 2008 का है। सिंचाई विभाग के तत्कालीन एसडीओ विकास राजौरिया (Vikas Rajouriya) और सब इंजीनियर बीएम गर्ग (BM Garg), एन तोमर श्योपुर के माता फूला गांव में नहर पेट्रोलिंग (Canal Patrolling) के लिए गए थे। वहां जाकर देखा तो पता चला कि नहर चालू है। ऐसा वहां के गांव वालों ने किया है। इस कारण नहर के गेट को बंद किया जाने लगा। यह पता चलने पर विधायक बाबूलाल सिंह उर्फ जंडेल वहां अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। वहां अमले के साथ लाठी—डंडे से लैस होकर सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई थी। यह मामला पहले श्योपुर की निचली अदालत में चला। जहां सुनवाई के बाद इन सभी आरोपियों को 15 जुलाई, 2015 को 1 साल की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले के खिलाफ विधायक ने भोपाल जिला अदालत में अपील लगाई थी। अपील पर सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाया।

यह भी पढ़ें:   Bias Treatment: लिकर कारोबारी था तो 24 घंटे में माल और चोर पकड़ाया

पहले भी विवादों में रहे हैं विधायक
बाबू जंडेल और विवाद मानो चोली दामन का साथ हो। कांग्रेस सरकार (Congress Government) आने के बाद वह ज्यादा मुखर हो गए हैं। हालांकि इस फैसले के बाद वे अपनों से कितनी राहत ले पाते हैं यह वक्त ही बताएगा। लेकिन, हाल ही में उन्होंने श्योपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष बृजराज सिंह चौहान (Brijraj Singh Chouhan) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। चौहान के खिलाफ जंडेल ने पशुपालन मंत्री (Animal Husbandry Minister) और जिले के प्रभारी मंत्री लाखन सिंह यादव (Lakhan Singh Yadav) के सामने विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि फूल छाप कांग्रेसियों के कारण संगठन बदनाम हो रहा है। इससे पहले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को उन्होंने गद्दार शब्द का इस्तेमाल करते हुए संबोधित किया था।

Don`t copy text!