Bhopal Suicide Case: गरीबी जब गले तक आई तो महिला को यह लगा आसान

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Bhopal Suicide Case: लॉक डाउन में धीरे—धीरे हर चीज की होने लगी थी तंगी तो परेशान हुई

Bhopal Suicide Case
सांकेतिक चित्र

भोपाल। वैश्विक महामारी से कई देश और सिस्टम जूझ (Bhopal Covid 19 News) रहा है। इसने कई घरों के चूल्हे भी बुझा दिए हैं। इस बीमारी की वजह से कई तरह की समस्याएं अब सामने आने लगी है। ताजा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया है। मामला एक महिला की मौत (Bhopal Woman Hanging Case) से जुड़ा है। वह गरीबी से पहले ही जूझ रही थी। लेकिन, कोरोना के चलते यह समस्या उसके लिए गले तक आ गई थी। इसी सोच—विचार में उसको गले में फंदा लगाकर जान (Bhopal Suicide Case) देना आसान लगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव पीएम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।

दस साल पहले हुई थी शादी

ऐशबाग थाना पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई की दोपहर दो बजे एक महिला फंदे पर झूल गई थी। जिसकी खबर पुलिस को शाम 6 बजे मिली थी। जिस महिला ने फांसी लगाई थी उसकी पहचान अजरा (Azra Suicide Case) पति कलीम उल्ला उम्र 26 साल के रुप में हुई। वह मोती नगर इलाके में रहती थी। अजरा का मायका भोपाल के गांधी नगर इलाके में ही है। कलीम से उसकी शादी 10 वर्ष पहले हुई थी। दोनों के तीन बच्चे भी है। पति मजदूरी का काम करता है। लॉक डॉउन के कारण उसका रोजगार भी छीन गया था। इधर—उधर करके घर चल रहा था।

बच्चे पुकारते रहे

परिजनों ने बताया कि अजरा का कोई मेडिकल टेस्ट हुआ था। उसकी रिपोर्ट लेने कलीम हमीदिया अस्पताल गया था। अजरा की सास पड़ोस में ही रहती है। कलीम के जाने के बाद अजरा उसके साथ बैठकर गेहूं बीन रही थी। उसके बाद वह दरवाजा बंद करके कमरे में चली गई थी। तीनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। कुछ देर बाद सास ने अजरा को आवाज दी। आवाज देने के बाद भी जब अजरा बाहर नहीं आई तो सास ने बेटे को फोन लगाकर घर बुलाया।

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तनाव भीतर नहीं बताने से होगा दूर

करीम ने दरवाजा तोड़ा तो अजरा पंखे के पाइप से दुपट्टे से फंदा बनाकर झूल रही थी। फंदे से नीचे उतारा गया लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जांच अधिकारी एएसआई लाल जी मिश्रा ने बताया कि कलीम मजदूरी करता था। लॉक डॉउन के कारण उसका काम बंद था। परिवार की पहले जैसी परवरिश नहीं हो पा रही थी। इसके कारण अजरा डिप्रेशन में चल रही थी। इधर, मनोचिकित्सकों ने बताया कि अवसाद में आकर गलत निर्णय लेने की बजाय लोगों को एक—दूसरे से चर्चा करनी चाहिए। यह संकट केवल एक व्यक्ति का नहीं है। कई देशों के लिए है। इसलिए मिलजुलकर काम करना है।

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