MP Loan Scam: किसानों से रकम लेकर Defaulter कंपनी को बांटने वाले तीन अफसर गिरफ्तार

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मुंबई की कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय में दर्ज था मामला, फिर भी बांट दिए 111 करोड़, गिरफ्तार आरोपियों को आज अदालत में किया जाएगा पेश

MP loan Scam
ईओडब्ल्यू में गिरफ्तार तीनों अधिकारी

भोपाल। मध्यप्रदेश (#Madhya Pradesh Loan Scam) के किसानों से रकम जमा करके चलने वाली भोपाल सहकारी केंद्रीय बैंक (Bhopal Sahkari Kendriya Bank) के लोन घोटाले (#MP Loan Ghotala) में बुधवार शाम तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मध्यप्रदेश आर्थिक प्रकोष्ठ विंग (Economic Offense Wing) ने की है। यह तीनों बैंक के तत्कालीन अफसर थे जिन्होंने मुंबई की डिफॉल्टर कंपनी को 111 करोड़ रुपए का लोन बांट दिया था। जबकि कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन  निदेशालय (Enforcement Directorate) में मुकदमा भी दर्ज था। आरोपियों को गुरुवार दोपहर जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

ईओडब्ल्यू (EOW) के अनुसार मुंबई की कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फायनेशियल सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड (IL&FL) को यह लोन बांटा गया था। जब लोन (@MP Loan Scam) आवंटन हुआ था उस वक्त बैंक के एमडी आरएस विश्वकर्मा (RS Vishwakarma) हुआ करते थे। जिस शाखा से लोन बांटा गया उसके मैनेजर सुभाष शर्मा (Subhash Sharma) और अनिल भार्गव (Anil Bhargav) थे। ईओडब्ल्यू (#EOW) ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों अफसरों ने ही किसानों की जमा रकम डिफॉल्टर कंपनी को नियमों को ताक पर रखकर बांट दी थी। लोन देने के पहले इन अफसरों ने प्रवर्तन निदेशालय (#Enforcement Directorate) की रिपोर्ट को भी नजरअंदाज किया। इस मामले में ईओडब्ल्यू (@EOW) ने आरोपियों के खिलाफ गबन और जालसाजी का मामला दर्ज किया था।

ईओडब्ल्यू के अनुसार 111 करोड़ रुपए की यह रकम अब बढ़कर 1118 करोड़ रुपए हो चुकी है। इस मामले में बाद में बैंक की तरफ से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (National Company Law Tribunal) में भी अर्जी लगाई है। इस संबंध में कार्रवाई के आदेश ईओडब्ल्यू को सरकार की तरफ से मिला था। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को यह भी पता चला है कि आरोपियों ने छोटी कंपनियों में निवेश के नाम पर 500 करोड़ रुपए भी बांट दिए है।

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