Fake Loan Scheme: वेबसाइट के जरिए ऐसे देते थे झांसा

Share

Fake Loan Scheme: कंपनी का संचालक और मंगेतर के साथ उसकी बहन भी हुई गिरफ्तार, एक अन्य आरोपी की तलाश

Fake Loan Scheme
भोपाल सायबर क्राइम यूनिट की गिरफ्त में आए आरोपी डेविड कुमार जाटव, उसकी मंगेतर मनीषा और साली

भोपाल। वेबसाइट के जरिए लोगों को आकर्षक लोन स्कीम दिलाने का झांसा (Fake Loan Scheme) देकर ठगी की वारदात करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश (MP Crime News) की राजधानी भोपाल (Bhopal Crime News) में स्थित सायबर क्राइम यूनिट ने की है। गिरफ्तार आरोपियों में एक व्यक्ति और उसकी मंगेतर (Noida Bunty-Babli Racket) के अलावा होने वाली साली को भी दबोचा गया है। इस गिरोह का एक साथी फरार है जो बैंक खाते और सिम मुहैया कराता था। भोपाल सायबर क्राइम यूनिट का दावा है कि इस गिरोह ने करीब 10 हजार लोगों से करीब 10 करोड़ रुपए की (Cyber Crime Call Center) ठगी की है। हालांकि उस बात के पुख्ता सबूत पूछने पर नहीं बताए गए हैं।

ऐसे मिला था सुराग

शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान इस गिरोह के संबंध में जानकारी दी गई। यह गिरोह बकायदा दो कॉल सेंटर की मदद से इस रैकेट को चला रहा था। इस काम के लिए गिरोह फर्जी वेबसाइट (Fake Loan Website Case) पहले बनाता था। प्रत्येक वेबसाइट एक से दो महीने काम करती थी। फिर नई वेबसाइट बनाकर लोगों को झांसा देता था। वेबसाइट गूगल एड के सहारे दूसरे न्यूज पोर्टल या फिर अन्य प्लेटफॉर्म पर लोन का लालच देते हुए विज्ञापन देते थे। इसी विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद गिरोह की तरफ से चल रहा कॉल सेंटर सक्रिय हो जाता था। इस संबंध में शिकायत जनवरी, 2020 में पद्मेश सिंह (Padmesh Singh) ने सायबर सेल से की थी।

ऐसे करते हैं फर्जीवाड़ा

Fake Loan Scheme
यह है कॉल सेंटर जहां से ग्राहकों को फोन करके फंसाते थे

सायबर क्राइम यूनिट को पद्मेश सिंह ने बताया कि उसने दिसंबर, 2019 में www.swiftfinance.in पर संपर्क किया गया था। जांच के बाद धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी (दस्तावेजों की कूटरचना, जालसाजी, मिथ्या कागजात का निर्माण) का मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने डेविड कुमार जाटव, नेहा भट्ट, मनीषा भट्ट को गिरफ्तार किया। भोपाल सायबर क्राइम (Bhopal Cyber Crime News) को इस मामले में अभी कमल कश्यप (Kamal Kashyap) की तलाश है। यह गिरफ्तारी नोयडा (Noida) से की गई है। आरोपी डेविड कुमार जाटव पिता प्रभुदयाल चौधरी उम्र 21 साल निवासी गाजियाबाद ने बीकॉम किया है। डेविड कुमार जाटव (David Kumar Jatav) को फर्जी वेबसाइट बनाने की जानकारी थी।

यह भी पढ़ें:   कॉलेज स्टूडेंट्स को मिला जनरल प्रमोशन, सीएम शिवराज ने किया ऐलान

मंगेतर देखती थी मैनेजमेंट

पुलिस ने लोन दिलाने का झांसा देने वाले फर्जी कॉल सेंटर से मनिषा भट्ट (Manisha Bhatt) पिता चन्द्रशेखर उम्र 27 निवासी उत्तराखंड और उसकी 23 वर्षीय बहन नेहा भट्ट (Neha Bhatt) को भी गिरफ्तार किया है। दोनों बहनों ने बीए का कोर्स किया है। मामले में फरार चल रहा आरोपी कमल कश्यप 50 हजार रुपए पर फर्जी बैंक अकाउंट और सिम मुहैया कराने का काम करता था। डेविड कुमार जाटव इस गिरोह का मुखिया है। वह आईटी कंपनी चलाता है। डेविड कुमार जाटव ने ऑनलाईन वेबसाइट डिजाइनिंग का कोर्स किया है। यह फर्जी वेबसाइट ग्राहकों (Fake Loan Website News) को लोन देने के लिये बनाता था। नेहा भट्ट जो डेविड कुमार जाटव की मंगेतर भी है वह अगस्त, 2018 से काम कर रही है। यह इसकी फर्जी कंपनियों के प्रबंधन का काम देखती है।

यह भी पढ़ें: एनआरआई डॉक्टर बताकर भारत में इस समाज की लड़कियों को टारगेट करता था यह सायबर चीटर

ऐसे फंसाते थे लोगों को

गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट डेवलप कर फर्जी वेबसाइट का गूगल ऐड के माध्यम से विज्ञापन देते थे। जब ग्राहक लोन लेने के लिये अपनी जानकारी देता था तब कॉल सेंटर से फोन आता था। फिर प्रोसेसिंग फीस, सिक्यूरिटी डिपोजिट, जीएसटी एवं वनटाइम ट्रांजेक्शन के नाम पर अलग-अलग चार्ज करके 30 से 40 हजार रूपये ठग लेते थे। प्रत्येक फर्जी वेबसाइट से औसतन 1000-1200 ग्राहकों को ठगते थे। फर्जी बैंक खातों एवं कॉल करने हेतु जिन सिम कार्डो का उपयोग करते थे उन्हें प्रत्येक माह बदल देते थे। डेढ़ लाख रुपए में दो कॉल सेंटर  किराए पर चल रहे थे। जिसमें दो दर्जन से अधिक लड़कियां नौकरी करती थी। इन लड़कियों को कंपनी 10 से 15 हजार रूपये का वेतन भी देती थी।

यह भी पढ़ें:   Canara Bank Scam: नकली रंग का असली खेल, बैंक मैनेजर बेनकाब

निगरानी के लिए अधिकारी तैनात

Fake Loan Scheme
गिरोह की जानकारी देते आईजी उपेन्द्र जैन साथ में हैं डीआईजी सिटी इरशाद वली

आईजी भोपाल रेंज उपेन्द्र जैन (IG Upendra Jain) ने बताया कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है। जिसकी जानकारी के संबंध में एक नोडल अधिकारी एसआई सुनील रघुवंशी को बनाया गया है। यह गिरोह 2019 से लेकर 2020 के बीच में करीब एक दर्जन फर्जी वेबसाइट (Fake Loan Scheme) बनाकर बंद कर चुका है। पुलिस को आशंका है कि ऐसे दर्जनों लोग पुलिस से संपर्क कर सकते है। इसलिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। आरोपियों के कब्जे से 6 लेपटॉप, 25 मोबाईल फोन, 21 पैन ड्राइव, 08 सिम, 19 डेबिट कार्ड, 03 रेंट एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज, 03 वेबसाइट संबंधी दस्तावेज, 01 रजिस्टर, 01 राउटर मय मोडेम मय इंटरनेट कन्वेटर व एक बलेनो कार भी जब्त की गई है।

यह भी पढ़ें: 50 रुपए की एक सिम की मदद से यह छह यार कर देते थे लाखों रुपए की रकम पार जाने कैसे

खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 9425005378 पर संपर्क कर सकते हैं।

Don`t copy text!