Bhopal Stolen: मोबाइल चोरी होने के बाद पीड़ित के परिवार के पास पहुंची सेल्फी

रेलवे विभाग की बड़ी लापरवाही, हेल्प लाइन नंबर में कोई नहीं मिला जवाब तो दूसरे में टीसी था गायब

Bhopal Stolen Case
यह है वह सैल्फी जो मोबाइल चोरी होने के बाद पीड़ित परिवार के रिश्तेदार के पास पहुंची थीं

भोपाल। (Bhopal Crime News In Hindi) आपको यकीन नहीं होगा लेकिन यह सच है। चोर ने एक महंगा फोन पहले चोरी किया। फिर उसी मोबाइल से एक सेल्फी पीड़ित के परिवार के पास पहुंच गई। मामला मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh Crime News) की राजधानी भोपाल (Bhopal Crime News) जंक्शन स्टेशन का है। इधर, एक अन्य चोरी की वारदात (Bhopal Stolen) ट्रेन में ही हुई है। लेकिन, उस वारदात में रेलवे विभाग की कलई उजागर हो गई। यह दोनों मामले भोपाल जीआरपी थाना पुलिस ने दर्ज किए हैं।

जानकारी के अनुसार अवधपुरी थाना क्षेत्र के वल्लभ नगर में सच्चिदानंद पटेल (Sachhidand Patel) रहते हैं। उनका रेडमी नोट—3 मोबाइल भोपाल रेलवे स्टेशन से चोरी चला गया था। सच्चिदानंद ने द क्राइम इंफो डॉट कॉम को बताया कि वे पेशे से वकालत करते हैं। वे एक लेखक संघ की बैठक में भाग लेने ग्वालियर जा रहे थे। घटना 6 फरवरी की रात को हुई थी। वे जबलपुर—निजामुद्दीन एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। उनका बर्थ एस—4 कोच में 63 नंबर था। भोपाल स्टेशन (Bhopal Railway Station) पर जब वे पहुंचे तो बर्थ में सोने के लिए वे कंबल बिछा रहे थे। ऐसा करने से पहले उन्होंने अपना मोबाइल निकालकर बर्थ में रख दिया था। वह मोबाइल कुछ देर बाद गायब मिला। सच्चिदानंद ने घटना की सूचना टीसी को दी। टीसी ने सलाह दिया कि वह 138 नंबर पर सूचना दें। उनके पास मोबाइल नहीं था। इसलिए पड़ोसी के मोबाइल से नंबर लगाया। लेकिन, उस नंबर पर आधी रात को कोई रिस्पांस नहीं मिला। तब तक वे ग्वालियर स्टेशन (Gwalior Station) पर पहुंच गए थे। यहां से उन्होंने बेटे शोभित (Shobhit Patel) को घटना की जानकारी दी।

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बेटे ने ट्वीटर पर इस बात की शिकायत दर्ज कराई। वहां से कहा गया कि एक महीने के भीतर जीआरपी भोपाल स्टेशन में पहुंचकर मामला दर्ज कराए। सच्चिदानंद दिल्ली से लौटकर भोपाल जीआरपी थाने पहुंचे और उन्होंने चोरी का मुकदमा (Bhopal Stolen Case) दर्ज कराया। उन्होंने पुलिस को बताया कि जिस चोर ने उनका मोबाइल चोरी किया है उसने सैल्फी भी ली थी। यह सैल्फी उसने मेरे रिश्तेदार को भेजी है। परिवार ने पुलिस को वह सैल्फी भी दी है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में संदेही की तस्वीर का मिलान किया जा रहा है। इसके लिए दूसरे थानों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस ने चोरी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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रेलवे की ऐसी सुविधा
भारत सरकार रेलवे का निजीकरण करने जा रही है। इस बीच उसकी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिस तरह से रात के वक्त 138 नंबर पर जो रिस्पांस मिला कुछ वैसा ही शीला महतो (Sheela Mehto) ने भी भोगा। उन्हें भी रेलवे से कड़वे अनुभव प्राप्त हुए। जिसकी शिकायत उन्होंने बकायदा जीआरपी की एफआईआर में बयां भी की है। शीला इंदौर के लसूडिया की रहने वाली है। वे नर्मदा एक्सप्रेस (Narmada Express) में एसी कोच में सफर कर रही थी। इस दौरान उनका पर्स चोरी चला गया था। पर्स में सोने की झुमकी, पैन कार्ड, एयरफोर्स आईडी कार्ड, एटीएम कार्ड के अलावा नकदी रखे ​थे। उन्होंने इंदौर पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराया था। लेकिन, उससे पहले उन्हें बड़ा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने बताया कि कोच में न टीसी था और न अटेंडर। इस कारण सूचना दामाद सुभाष चंद्र को फोन पर दी। दामाद ने भोपाल जीआरपी को फोन लगाकर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद बर्थ में पुलिस पहुंची।

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