MP Cop News: प्रदेश के सशस्त्र वाहिनी में नियुक्त 204 नव आरक्षकों का पहला बैच जिन्हें सायबर चुनौतियों से निपटने प्रशिक्षण दिया गया, ड्रोन सर्विंलांस, सीसीटीवी मॉनिरिंग के अलावा इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसे आधुनिक प्रयोगों का भी दिया गया प्रशिक्षण

भोपाल। पुलिस की वर्दी पहनने के बाद वह सरकारी नौकरी नहीं होती। बल्कि जन सुरक्षा और विश्वास का दायित्व हैं। जनता को संदेश देना कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। यह विचार प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा (MP Cop News) ने व्यक्त किए। वे एमपी पुलिस के अलग-अलग सशस्त्र वाहिनी के लिए चयन के बाद नियुक्त 204 नव आरक्षकों के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भी थे। उन्होंने नव आरक्षकों को बताया कि दो साल बाद सिंहस्थ में परीक्षा की घड़ी है। जिसके लिए उनके जरिए एमपी पुलिस ने प्रयोग किया है। पहली बार वाहिनी के नव आरक्षकों को ड्रोन सर्विंलांस समेत अन्य तकनीक का भी प्रशिक्षण दिया गया।
ये विचार किये व्यक्त
कार्यक्रम का आयोजन 25वीं वाहिनी के मैदान में संपन्न हुआ। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा (DGP Kailash Makwana) ने नव आरक्षकों की परेड की सलामी भी ली। उन्होंने एमपी पुलिस के दस्यु उन्मूलन, नक्सल अभियान से लेकर अन्य उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि नव आरक्षकों को आउटडोर गतिविधियों, वेपन ट्रेनिंग, बलवा ड्रिल, कानून व्यवस्था, साइबर क्राइम, आधुनिक तकनीक एवं भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों में प्रशिक्षित किया गया है, जो भविष्य की ड्यूटी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। मौजूदा समय में साइबर अपराध, कानून व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा को चुनौती बताते हुए कहा इनसे निपटने बल को तकनीकी और शारीरिक रूप से सक्षम होना जरुरी है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ-2028 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी मॉनिटरिंग एवं इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं में दक्षता भविष्य की पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पुलिस महानिदेशक ने नव आरक्षकों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने, ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता एवं संविधान के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने तथा लगातार जनसंवाद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद पुलिसकर्मी का एकमात्र धर्म जनसेवा, कानून का पालन एवं राष्ट्रहित होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है।। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आमजन के प्रति संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया एवं निष्पक्ष कार्यप्रणाली के साथ कार्य करना चाहिए। जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है।
इन पाठ्यक्रमों को 11 महीने के भीतर में सीखा
25वीं वाहिनी सेनानी नागेंद्र सिंह (Nagendra Singh) ने बताया 204 नव आरक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 15 जून 2025 से शुरु हुआ था। इसमें महिला एवं पुरुष नव आरक्षकों को फायरिंग, रायट ड्रिल, कानून व्यवस्था, शारीरिक दक्षता एवं कानून के मूलभूत ज्ञान सहित आधुनिक पुलिसिंग का प्रशिक्षण दिया गया। पहली बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में साइबर क्राइम के अलावा सोशल मीडिया संबंधी अपराधों को शामिल किया गया। जिससे प्रशिक्षुओं को साइबर अपराधों से जुड़े ‘डूज़ एंड डोन्ट्स की जानकारी दी गई। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कई नव आरक्षक साइबर कमांडो के रूप में भी अपनी भूमिका निभाएंगे। नवआरक्षकों ने राजकोट, गुजरात में आयोजित 74वीं अखिल भारतीय पुलिस हॉकी प्रतियोगिता 2025-26 तथा जम्मू में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस कबड्डी क्लस्टर प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशिक्षण संस्थान को गौरवान्वित किया। प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षक देवेन्द्र कुमार गुप्ता 9वीं वाहिनी रीवा को प्रथम और हर्षित कुशवाह 36वीं वाहिनी बालाघाट को द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
खबर के लिए ऐसे जुड़े

हमारी कोशिश है कि शोध परक खबरों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए कई विषयों पर कार्य जारी है। हम आपसे अपील करते हैं कि हमारी मुहिम को आवाज देने के लिए आपका साथ जरुरी है। हमारे www.thecrimeinfo.com के फेसबुक पेज और यू ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें। आप हमारे व्हाट्स एप्प न्यूज सेक्शन से जुड़ना चाहते हैं या फिर कोई घटना या समाचार की जानकारी देना चाहते हैं तो मोबाइल नंबर 7898656291 पर संपर्क कर सकते हैं।