Bhopal News: एम्स अस्पताल प्रबंधन पर परिजनों ने लगाए हैं आरोप, पुलिस ने मांगे रिकॉर्ड

भोपाल। अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान में तीन महीने पहले एक बालक की मौत हो गई थी। जिसको लेकर प्रबंधन पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला सागर जिले और भोपाल के बीच तीन महीने से लटका हुआ था। अब केस डायरी बीना पुलिस ने भोपाल (Bhopal News) शहर के बागसेवनिया थाने को भेज दी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।
इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ी तबीयत
बागसेवनिया (Bagsewania) थाना पुलिस के अनुसार सार्थक यादव पिता सिद्धार्थ यादव उम्र तीन साल की तबीयत खराब चल रही थी। उसके परिजनों ने दिसंबर, 2025 में उसे भोपाल एम्स अस्पताल (Bhopal AIIMS Hospital) में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान सार्थक यादव (Sarthak Yadav) की 25 दिसंबर को मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि अस्पताल की स्टाफ नर्स को बोतल बदलने के लिए बोला था। लेकिन, ऐसा करने की बजाय नर्स ने कोई इंजेक्शन लगा दिया। जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इस मामले में पहले बीना पुलिस (Beena Police) ने प्राथमिक जांच की थी। जांच में सामने आया कि घटना भोपाल एम्स अस्पताल की थी। इसलिए केस डायरी बागसेवनिया थाना पुलिस को भेज दी गई। बागसेवनिया थाना पुलिस ने 19 मार्च को मर्ग 18/26 कायम कर भोपाल एम्स अस्पताल से इलाज से संबंधित दस्तावेज सौंपने के लिए पत्राचार किया है। इधर, पीएम रिपोर्ट भी पुलिस के पास आ चुकी है। पुलिस इन सभी दस्तावेजों को मेडिकल काउंसिल को परीक्षण हेतु भेजेगी।
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