Bhopal Murder Case : सौतेली मां पर बुरी नजर रखता था युवक, हत्या के बाद कहानी बना दी

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दिनभर राज छिपाते रहे आरोपी, गिरफ्तार

Vijendra Parsondiya Murder Case
पुलिस गिरफ्त में आरोपी नीलू और सौरभ

भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) के अवधपुरी (Awadhpuri) इलाके में हुई युवक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। 35 वर्षीय युवक विजेंद्र परसौदिया (Vijendra Parsodiya) की हत्या घऱवालों ने ही की थी। जिसके बाद पैसों के लेनदेन में हत्या की कहानी बना दी थी। आरोपी दिनभर पुलिस को गुमराह करते रहे। लेकिन शाम को सच सामने आ गया। पुलिस ने विजेंद्र की हत्या के आरोप में उसकी सौतेली मां नीलू और उसके बेटे सौरभ को गिरफ्तार कर लिया है।

झूठी कहानी बनाते रहे आरोपी

मंगलवार सुबह अवधपुरी इलाके की बीडीए की वेदवदी कॉलोनी में हत्या की खबर सामने आई। रिटायर्ड पुलिसकर्मी कैलाश परसौदिया के बेटे विजेंद्र पर लोहे की रॉड से हमलाकर मौत के घाट उतारा गया था। शुरुआती पूछताछ में परिजन ने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर विजेंद्र को मौत के घाट उतारा है। हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन की वजह बताई गई थी। विजेंद्र के परिजन खुलकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। टुकड़ों-टुकड़ों में बातें बता रहे थे और कहानी को बदलते भी जा रहे थे। लिहाजा पुलिस को शक हो गया।

मां पर बुरी नजर रखता था

परिजन से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो 19 वर्षीय सौरभ ने सच उगल दिया। उसने बताया कि उसकी मां नीलू ने सौतेले भाई विजेंद्र की हत्या की है। लोहे की रॉड मारकर उसे मौत के घाट उतारा था। सौरभ ने बताया कि विजेंद्र उसकी मां नीलू पर बुरी नजर रखता था। कई बार टोकने के बाद भी वो अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा था। सोमवार रात भी विजेंद्र ने नीलू के साथ बुरी हरकत की। जिससे गुस्साई नीलू ने उस पर रॉड से हमला कर दिया। जिससे विजेंद्र की मौत हो गई।

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सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद नीलू और सौरभ बुरी तरह घबरा गए। दोनों ने सबूत मिटाने और राज छिपाने के लिए साजिश रची। सौरभ ने हत्या में प्रयुक्त की गई रॉड को छिपा दी। नीलू ने सोमवार रात वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन साजिश के तहत मंगलवार सुबह विजेंद्र की हत्या की बात फैलाई गई। आरोपियों ने पड़ोसियों और पुलिस को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर विजेंद्र की हत्या की है। लेकिन पड़ोसियों से की गई पूछताछ में ये तथ्य सामने आया कि पर सोमवार रात परिवार में बड़ा विवाद हुआ था। चिल्ला चोट की आवाजें आ रही थीं।

विजेंद्र के पिता कैलाश परसौदिया ने करीब 20 साल पहले नीलू से शादी की थी। कैलाश की पहली पत्नी से दो बेटे है, जिनमें से एक विजेंद्र था। वहीं नीलू से एक बेटा सौरभ है। सभी साथ में रहते थे, लेकिन घटना के वक्त कैलाश किसी काम से राजगढ़ गया हुआ था।

अफसर की सेवा में जुटे रहे टीआई

अनुभव और रैंक का बहुत असर होता है। यह बात अवधपुरी इलाके में हुए हत्या कांड से साबित हो गई। थाने में पहले निरीक्षक स्तर के प्रभारी तैनात रहते थे। लेकिन, कुछ अरसे से यह थाना प्रयोग शाला बन गया है। यहाँ थाने में सब इंस्पेक्टर विजय त्रिपाठी प्रभारी है। थाना प्रभारी की कार्यशैली विवाद में भी रही है। पिछले दिनों एक ऑडियो वायरल भी हुआ था जो मुख्यालय में डीजीपी तक पहुंचा था। थाने के पर्यवेक्षण अधिकारी यानि सीएसपी गोविंदपुरा संभाग अंकित जायसवाल हैं। अंकित जायसवाल भारतीय पुलिस सेवा के अफसर भी है। इसलिए वे पर्यवेक्षण पीरियड अपना काट रहे हैं। वे भी मौके पर पहुंचे थे जिनकी तिमारदारी में थाना प्रभारी लगे रहे। आलम यह था कि मौके पर सीएसपी और टीआई कोई ठोस जानकारी भी नहीं दे सके।

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