Corrupt Police Officer: साढ़े तीन लाख रुपए का सोना लूटा, जांच में फंसे चार लोग

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एसआई ने आभूषण कारोबारी को आयकर अफसर बताकर छीना था माल, एसपी के पास पहुंचा मामला

Mandsour Crime
सांकेतिक चित्र

मंदसौर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsour) में चार पुलिस अफसर भ्रष्टाचार (Corrupt Police Officer) के मामले में फंस गए हैं। इन चारों पुलिस​कर्मियों के खिलाफ एसपी हितेश चौधरी (SP Hitesh Choudhry) ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस​ अफसर ने कर्मचारियों के साथ मिलकर एक आभूषण कारोबारी से 111 ग्राम सोना लगभग साढ़े तीन लाख रुपए का लूट लिया था। कारोबारी को पुलिसकर्मियों ने आयकर अफसर (Fake Income Tax Officer) बनकर जांच के लिए रोका था।

जानकारी के अनुसार मामला मंदसौर के रेलवे स्टेशन के पास का है। जिसकी जांच सीएसपी नरेंद्र सोलंकी (CSP Narendra Solanki) कर रहे हैं। आभूषण कारोबारी उमराव मूणत (Umrao Murat) नाम का व्यक्ति हैं। यह आभूषण बेचने का काम करता है। उमराव फुटकर कारोबारियों (Madsour Jewell) को सोने की सप्लाई करता है। वह अक्सर रतलाम और मंदसौर के बीच आता—जाता रहता है। घटना तीन दिन पहले की है। उसको एक एसआई ने आयकर अफसर बनकर रोक लिया था। फिर उसके कब्जे में मौजूद सोने की जांच के नाम पर उससे माल लूट लिया। घटना की सूचना लूट होने के रूप में फैली थी। लेकिन, मामला जब पुलिस विभाग से जुड़ा निकला तो उसे दबाया जाने लगा।
कैसे उजागर हुआ मामला
उमराव मूणत पुलिस अफसरों के पास पहुंचा था। उसने सारी घटना बताई थी। जिसके बाद पुलिस के अफसरों ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले। जिसमें एक एसआई उमराव मूणत को रोकते हुए दिख गया। हालांकि इस बात की खबर उमराव को नहीं दी गई। उसे नहीं बताया गया कि लूटपाट करने वाले पुलिस अफसर और कर्मचारी है। उसे लगा पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेकिन, दूसरे दिन मीडिया रिपोर्टिंग नहीं हुई तो उसे शक हुआ। फिर वह पुलिस के अफसरों के पास पहुंचा। अब गुपचुप तरीके से सीएसपी मंदसौर मामले की जांच कर रहे हैं। बताया जाता है कि इसमें चार पुलिसकर्मी फंस रहे हैं।

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तीन दिन में दूसरा मामला
पुलिस की अड़ीबाजी का यह पहला मामला नहीं हैं। इस घटना से तीन दिन पहले भोपाल का आरक्षक विक्रम सिंह कैमरे में कैद हुआ था। वह जहरखुरानी के आरोपी की पत्नी से 9 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुआ था। यह समाचार भी बहुत तेजी से वायरल हुआ था। जिसके बाद आईजी रेल जयदीप प्रसाद ने आरक्षक को सस्पेंड कर दिया था। इस मामले की जांच में जीआरपी टीआई दुष्यंत जोशी भी फंसे हैं। दरअसल, आरक्षक पैसा लेते वक्त टीआई को देने की बात कह रहा था।

बयान देने से बच रहे अफसर
इस मामले में जांच कर रहे सीएसपी नरेंद्र सोलंकी से चर्चा की गई। उन्होंने पहले द क्राइम इंफो के बारे में सारी जानकारी जान ली। फिर उन्होंने फोन लगाने का कारण जाना। जब उन्हें उमराव मूणत को लेकर प्रतिक्रिया मांगी गई तो कहने लगे अभी मैं बातचीत करने की स्थिति में नहीं हूं। क्योंकि जिले में मंत्री का दौरा कार्यक्रम चल रहा है जिसमें मैं अभी व्यस्त हूं।

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