Bhopal News: चार दिन पहले दर्ज हुई एफआईआर को छुपाकर चार विधि विरोधी बालकों के नाम लिखे, मामला सनसनीखेज न बने इसलिए पुलिस एवं महिला बाल विकास के अधिकारी जुटे, बदहाल संप्रेक्षण गृह के भीतर अव्यवस्थाओं का खजाना, बालकों के मानव अधिकार को सुधार के नाम पर दी जा रही तिलांजलि

भोपाल। राजधानी के अलग—अलग अपराधों में दर्ज प्रकरण के नाबालिगों को सुधार के लिए रखे जाने वाले बाल संप्रेक्षण गृह में एक विधि विरोधी बालक के साथ आधा दर्जन बाल अपचारियों ने यौन उत्पीड़न किया है। इस संबंध में चार दिन पूर्व गुपचुप तरीके से मामला भोपाल (Bhopal News) शहर के श्यामला हिल्स थाने में दर्ज किया गया है। घटना में आधा दर्जन विधि विरोधी बालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना अधिकारियों ने कबूला है। जबकि मामले में छह अन्य विधि विरोधी बालकों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है।
मेडिकल में यौन उत्पीड़न की हुई पुष्टि
एसीपी संतोष पटेल (ACP Santosh Patel) ने बताया कि इस संबंध में संप्रेक्षण गृह (Juvenile Observation Home) की तरफ से 7 जुलाई को जानकारी दी गई थी। जिसमें जांच के बाद अप्राकृतिक कृत्य करने का मुकदमा श्यामला हिल्स थाना (Shyamla Hills) पुलिस ने दर्ज किया है। दोनों पक्षों के विधि विरोधी बालकों के मेडिकल में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो गई है। पूरा मामला न्यायालय के संज्ञान में हैं। उन्होंने बताया कि एक विधि विरोधी बालक ने इस घटना को लेकर संप्रेक्षण गृह के प्रबंधन से शिकायत की थी। मामले में छह विधि विरोधी बालकों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उन्हें कोर्ट के आदेश पर दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। इससे पूर्व घटना को लेकर प्रतिक्रिया के लिए श्यामला हिल्स थाना प्रभारी नीलम पटवा (TI Neelam Patwa) से संपर्क किया गया था। उन्होंने मामले में बयान देने की बजाय कोर्ट में होने के कारण संवाद करने में अपनी असमर्थता जताई।
यह है असली कहानी जिस पर डाला जा रहा है पर्दा
विधि विरोधी बालक (Juvenile) ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी थी। वह उससे मुलाकात करने आए थे। बालक दूसरे जिले का रहने वाला है। अपने जिले में जाकर बालक के परिवार ने प्रशासन से मदद मांगी। जिसके बाद यह पूरा मामला (Bhopal News) उजागर हुआ। घटना मीडिया और समाज के समक्ष उजागर न हो इस ताकीद के साथ भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के अफसर ने जांच से जुड़े सभी कर्मचारियों को मौखिक आदेश दिए थे। प्रकरण में बताया जा रहा है कि छह अन्य बाल अपचारियों की भूमिका संदिग्ध हैं। इनके बिस्तर भी उसी बालक के आसपास हैं।
एक साल पहले बता दी गई थी अव्यवस्था

बाल संप्रेक्षण गृह श्यामला हिल्स स्थित दूरदर्शन केंद्र के पास हैं। इससे पहले यह संस्था जहांगीराबाद (Jahangirabad) थाना क्षेत्र में होती थी। उसे वहां से नई जगह प्रशासन ने शिफ्ट किया। नई जगह पर विधि विरोधी बालकों के लिए पर्याप्त स्थान का अभाव भी मौजूद है। इसके अलावा खेल मैदान, किसी भी तरह की रोशनी से यह दूर है। इसलिए यहां रहने वाले बालकों के स्वास्थ्य में विपरीत प्रभाव भी पड़ रहा था। इस विषय को जिला प्रशासन और न्यायालय के संज्ञान में एक साल पूर्व लाया गया था। इसके बावजूद यहां अघोषित जेल बनाकर विधि विरोधी बालकों को रखा जाता है।
यहां से भाग चुके हैं चार विधि विरोधी बालक
यहां की व्यवस्थाओं की निगरानी करने वाली एजेंसियां लापरवाही को लेकर एक—दूसरे पर जिम्मेदारियां डाल रही हैं। बाल संप्रेक्षण गृह में विधि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस के अलावा चाइल्ड लाइन के अधिकारियों का प्रवेश करने की अनुमति होती है। इसके अलावा अन्य किसी भी संस्था को यहां प्रवेश की अनुमति नहीं होती हैं। श्यामला हिल्स स्थित नए बाल संप्रेक्षण गृह से चार बालक पूर्व में फरार हो चुके हैं। इस घटना पर भी प्रबंधन ने पर्दा डाला था।
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