PMJJBY Scam: तीन जिलों के नगरीय निकाय के कर्मचारी समेत दर्जनों सीआईडी जांच के घेरे में आए, दो प्रकरण दर्ज

भोपाल। मध्यप्रदेश के तीन नगरीय निकाय कार्यालयों की मदद से संचालित फर्जी बीमा पॉलिसी लेकर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने दो प्रकरण दर्ज किए हैं। पुलिस का मानना है कि जिलों की जांच का दायरा बढ़ भी सकता है। यह घोटाला ) केंद्र सरकार की तरफ से गरीब परिवारों को दी गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY Scam) के बंदरबाट से जुड़ा यह मामला है। पुलिस की तरफ से एफआईआर की पुष्टि की गई है। लेकिन, मामले से जुड़े आरोपियों के नाम और उनकी गिरफ्तारी पर चुप्पी साध ली गई है।
सीआईडी को ऐसे मिला सुराग
केंद्र सरकार की तरफ से सायबर फ्रॉड (Cyber Fraud) को रोकने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें प्रदेश और केंद्र सरकार के स्तर पर अलग-अलग कमेटियां बनी हैं। यह कमेटियां जारी हुई सिम और म्यूल खातों पर विशेष निगाह रखती हैं। इसी पड़ताल के दौरान राजस्थान (Rajasthan) के कई जिलों में म्यूल खातों से रकम निकलने की जानकारी मिली। लेकिन, यह रकम सरकारी मद का था जो प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana) से जुड़ा था। उनकी परीक्षण के बाद इसमें बहुत बड़े घोटाले के सुराग केंद्रीय एजेंसियों को मिले। जिसके बाद मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) से कुछ महीना पूर्व केंद्रीय एजेंसियों ने पत्राचार किया था। इस प्रकरण की शुरुआती जांच पहले सायबर फ्रॉड का मानते हुए सायबर क्राइम मुख्यालय से कराई गई। जिसकी भीतरी तहकीकात में सामने आया कि यह सरकारी मद में जारी स्कीम का पैसा है जिसका बंदरबाट किया जा रहा है। इस कारण डीजीपी कैलाश मकवाणा (DGP Kailash Makwana) ने सीआईडी(CID) को इस मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सिर्फ तीन जिलों में ढ़ाई करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा उजागर
सीआईडी (CID) ने जांच की तो अधिकांश म्यूल खातों पर एक ही नंबर दर्ज मिले। यह सभी नंबर ग्वालियर, मुरैना और रतलाम जिले के थे। नंबरों और खातों से लिंक खाताधारकों की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि उन्हें ढ़ाई करोड़ रुपए से अधिक की रकम प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) की मद से जारी हुई है। इसके लिए बकायदा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और परिचय पत्र बनाने का खेल चल रहा था। सीआईडी को यकीन है कि यह सुनियोजित तरीके से संगठित गिरोह केंद्र और राज्य सरकार की एजेंसियों को अंधेरे में रखकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
एक ई-मेल और एक ही पते
सीआईडी को अधिकांश प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY Scam) में दिए गए ई-मेल और पते एक ही व्यक्ति के मिले हैं। इसके अलावा कई खातों में एक ही मोबाइल नंबर भी है। सीआईडी ने अपनी जांच शुरु की तो पता चला कि जिनके नाम पर यह खाते खोले गए या पते हैं उन्हें इस योजना की जानकारी ही नहीं थी। उनके नाम पर किसी अन्य ने दो लाख रुपए निकालकर हड़प लिए। सबसे चौंका देने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि एक ही पते पर रहने वाले तीन-तीन व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी ली गई। इसके बाद उन्हें एक ही महीने के भीतर में अलग-अलग तारीखों में कागज पर मृत बता दिया गया।
बैंकों की भी संदिग्ध भूमिका
सीआईडी ने इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार के नियम मालूम किए हैं। जिसमें पता चला है कि एक वर्ष के लिए 436 रुपए का भुगतान करने पर पॉलिसी धारक के साथ अनहोनी होने पर दो लाख रुपए का भुगतान किया जाता है। यह रकम डाकघर और ग्रामीण बैंकों के जरिए होना था। सीआईडी को शक है कि इसमें नगरीय निकाय से मृत्यु प्रमाण पत्र बेहद जरुरी होता है। इसलिए जिन भी व्यक्तियों की स्वाभाविक मौत दर्शाई गई है वह अपने स्थान से काफी दूर मृत हुए हैं। लेकिन, अधिकांश मामलों में रकम राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एटीएम से नकदी निकाली गई है। इसके अलावा कुछ म्यूल खातों में बीमा पॉलिसी की रकम ट्रांसफर हुई है।
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