TCI Exclusive: अपराधियों को मिल रही पुलिस की शह, राजधानी में खुलेआम घुम रहे जिलाबदर बदमाश

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खुलेआम घुम रहे जालसाज और हिस्ट्रीशीटर बदमाश, खबर देने के बावजूद हाथ नहीं डाल पा रही पुलिस

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आप देख लीजिए जिलाबदर बदमाश जावेद उर्फ चिर्राटा। प्रशासन के रिकॉर्ड में यह जिलाबदर चल रहा है। लेकिन, पुलिस रिकॉर्ड में यह आदेश छह महीने के लिए जारी हुआ।

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) को शांति का टापू कहा जाता है। लेकिन, यह टापू कितना शांत है इसका पता राजधानी (Bhopal Criminal) के दो मामलों से पता चल जाता है। यह दोनों मामले भोपाल पुलिस से जुड़े हैं। प्रकरण कुख्यात बदमाश और जालसाजों के खुलेआम घुमने से जुड़ा है। thecrimeinfo.com की एक्सक्लूसिव (TCI Exclusive) खबर में जानिए पुलिस की मेहरबानी की वास्तविक वजह।

कोहेफिजा थाना क्षेत्र में जावेद नाम का बदमाश रहता है। यह बदमाश पुलिस के रिकॉर्ड में फरार चल रहा है। लेकिन, यह कितना सच है आपको बताते हैं। जावेद खुलेआम घुम रहा है। वह मड रैली से लेकर चाय की होटल में गपशप करते हुए आसानी से देखा जा सकता है। जावेद अपनी चौपाल में लोन रिकवरी के तरीके से लेकर वाहन चोरों की बकायदा बारीकी से रिपोर्ट देता है। अब इसकी सच्चाई जान लीजिए। जावेद कुख्यात बदमाश है इसके खिलाफ मारपीट समेत कई अन्य मामले दर्ज है। उसको कलेक्टर के आदेश पर जिलाबदर  किया गया। जावेद को चिर्राटा नाम से भी पहचाना जाता है। वह कोहेफिजा इलाके में साजिदा नगर का रहने वाला है। उसको कलेक्टर सुदाम खाड़े ने 1 नवंबर, 2018 को एक साल के लिए जिलाबदर किया था। लेकिन, जावेद पिछले पांच महीने से साजिदा नगर में ही घूम रहा है। सूत्रों ने बताया कि जावेद को क्राइम ब्रांच के पुलिस कर्मियों का संरक्षण प्राप्त है। इसके अलावा कोहेफिजा थाने में दो पुलिसकर्मी उसकी मदद करते हैं।
इसी तरह टीटी नगर थाने में एक महीने से अधिक समय बीत गया है जालसाजी (Bhopal Forgery Case) का मुकदमा दर्ज किए हुए। इस मामले के आरोपी चार लोग है। नसीम बैग, गजेन्द्र सिंह चौहान, दीपा, और हुकुम सिंह। यह चारों अपराधी पुलिस के रिकॉर्ड में फरार है। लेकिन, हकीकत यह है कि इनमें से दो आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग (Property Dealer) का हबीबगंज नाका इलाके से कारोबार चला रहे है। इन्हें पकड़ने का साहस टीटी नगर थाने के एसआई नहीं दिखा पा रहे हैं। मामले की शिकायत करने वाले शंकर लाल बमनेले ने बताया कि अपराधियों की जानकारी मैंने पुलिस को दी है। लेकिन, पुलिस को पकड़ने की फुर्सत नहीं हैं। इन चारों आरोपियों ने खजूरी रोड स्थित एक मकान को अपना बताकर बेचने का प्रयास किया था। जांच सबसे पहले सीएसपी गोविंदपुरा ने की थी। लेकिन, मामला दर्ज नहीं किया। शंकर लाल से कहा गया कि मुकदमा टीटी नगर थाना क्षेत्र का है। जांच रिपोर्ट मिलने के बावजूद नौ महीने टीटी नगर पुलिस को एफआईआर करने में लग गए।
वीडियो में देखिए बदमाश खुलेआम अपनी चौपाल लगाकर पुलिस को कैसे चिढ़ा रहे हैं
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राज उजागर किया तो खुल जाएगी पोल
सूत्रों के अनुसार नसीम बैग सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। वह दीपांकर मंडल से जुड़ा हुआ है। दीपांकर मंडल को कुछ दिन पहले निशातपुरा थाना पुलिस ने एमपी हनी ट्रेप केस के मामले में पकड़ा है। वह हनी ट्रैप रैकेट के लिए पैसा रिकवरी का काम करता था। यह पैसा ज्यादती की झूठी एफआईआर में समझौते के लिए होता था। इसी गिरोह ने अयोध्या नगर के तत्कालीन टीआई हरीश यादव की मदद से एक व्यक्ति के खिलाफ झूठी ज्यादती की एफआईआर दर्ज कराई थी। सूत्र बताते हैं कि नसीम बैग और दीपांकर के बीच बहुत सारे राज है। इस कारण उसको शंकर लाल बमनेले के केस से भी दूर रखा गया। जबकि बमनेले के परिवार को दीपांकर जानता भी है। पूरे प्रकरण को पुलिस के अफसरों ने मिलकर बदल दिया।

यह कहते हैं अफसर
इस मामले में भोपाल क्षेत्र के एसपी नार्थ शैलेन्द्र सिंह चौहान और साउथ एसपी संपत्त उपाध्याय से प्रतिक्रिया ली गई। शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि जिलाबदर के आदेश के अनुसार बदमाश पर एक्शन लिया जाता है। इस बात की निगरानी थाना पुलिस करती है। यदि उसे संरक्षण दिया जाता है तो उस कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई होती है। आपने मेरी जानकारी में यह प्रकरण लाया है वास्तविकता क्या है, इसको मैं दिखवाता हूं। इसी तरह एसपी संपत्त उपाध्याय ने कहा कि उन्हें प्रकरण याद नहीं है। इतने बड़े शहर में बहुत सारे केस है। मुझे इस मामले में कुछ नहीं कहना।

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थाना प्रभारी अमरेश बोहरे कितना सच बोल रहे हैं यह डीआईजी सिटी कार्यालय में जिलाबदर बदमाशों की बनी सूची से उजागर होती है

टीआई दे रहे गलत जानकारी
जावेद के साथ कुछ अन्य भी बदमाश जिलाबदर किए गए थे। उनकी भी वही तारीखें थी। यह बदमाश अभी भी जिलाबदर चल रहे हैं। लेकिन, जावेद उर्फ चिर्राटा पर पुलिस की मेहरबानी उसको कठघरे में खड़ा कर रही है। इस मामले में कोहेफिजा थाना प्रभारी अमरेश बोहरे से बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि जावेद उर्फ चिर्राटा का छह महीने का जिलाबदर आदेश हुआ था। बोहरे ने यह बात बड़ी बेबाकी से बताई। जबकि कलेक्टर कार्यालय से जारी रिकॉर्ड में अभी भी वह फरार है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि जावेद का पैर फ्रैक्चर हो गया है। इसलिए वह अभी घर पर ही है। मतलब जान लीजिए कि थाना प्रभारी बेखबर है या फिर वे जान बुझकर बेखबर बन रहे हैं। हकीकत बयां करने के लिए कलेक्टर आदेश का वह रिकॉर्ड जिसमें वह फरार बताया जा रहा है जिसे आप भी देख लीजिए। अब वह फरार है या जिलाबदर आप स्वयं तय कर लीजिए।

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