Bhopal Cheating News: पुलिस से मदद मांगकर उसे जारी करने वाले शातिर जालसाज को दबोचा, चार साल पूर्व क्राइम ब्रांच ने भी किया था गिरफ्तार, आधा दर्जन पीड़ित सामने आए, कई अन्य भी पुलिस के संपर्क में

भोपाल। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन (Municipal Commissioner Sanskriti Jain) के समक्ष फर्जी जूनियर क्लर्क का नियुक्ति पत्र लेकर एक व्यक्ति पहुंच गया। उसकी प्राथमिक जांच की गई तो वह फर्जी निकला। जिसके बाद इस मामले की शिकायत भोपाल (Bhopal Cheating News) शहर के कमला नगर थाने को दी गई। पुलिस ने पत्र जारी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ इसी तरह का एक अन्य मामला चार साल पहले क्राइम ब्रांच में भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
करणी सेना का भोपाल जिला अध्यक्ष भी रहा है
कमला नगर (Kamla Nagar) थाना पुलिस के अनुसार पवन यादव पिता अंगदलाल यादव राजगढ़ जिले में रहते हैं। उनकी करणी सेना (Karni Sena) की बैठक में आरोपी आसु कुमार (Asu Kumar) से पहचान हुई थी। वह रातीबड़ (Ratibarh) थाना क्षेत्र स्थित गोरा गांव में रहता है। वह कोटरा में हॉस्टल संचालन भी करता है। आसु कुमार करणी सेना का भोपाल जिला अध्यक्ष भी रहा है। उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी लगने पर उसे कुछ महीने पहले पद से हटा दिया गया था। पवन यादव (Pawan Yadav) उसके ही संपर्क में आया था। आरोपी ने भोपाल नगर निगम (Bhopal Nagar Nigam) में जूनियर क्लर्क (Junior Clerk) का नियुक्ति पत्र जारी करके दिया था। इसे लेकर वह नगर निगम कार्यालय (Nagar Nigam Office) में कमिश्नर के समक्ष पहुंच गए। उन्हें हैरानी हुई और मामले को पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद कमला नगर थाना पुलिस ने आरोपी आसु कुमार पिता प्रभाकर कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पूछताछ के लिए 11 जुलाई तक कस्टडी में लिया गया है। कमला नगर थाना पुलिस ने प्रकरण 312/26 दर्ज कर लिया है।
सुलह करने का भी प्रयास किया तो सामने आए कई पीड़ित
पवन यादव से दिसंबर, 2025 में तीन लाख रुपए लिए थे। जिसके बाद उसने प्रकरण दर्ज न करने के लिए अप्रैल, 2026 में आसु कुुमार ने यकीन दिलाने के लिए बैंक ऑफ बडौदा (BOB) का चेक दिया था। वह चेक भी बाउंस हो गया। इसी दौरान पवन यादव के संपर्क में पांर्ढुना का रहने वाला धनंजय बाल पांडेय (Dhananjay Bal Pandey) पिता रत्नाकर पांडेय संपर्क में आया। उसने बताया कि उससे भी नगर निगम में नौकरी लगाने के नाम पर छह लाख रुपए ऐंठे हैं। इधर, मामले की जांच कर रहे एसआई सुनील कुमार इवनाती (SI Sunil Kumar Ivnati) ने बताया कि आरोपियों से पीड़ित करीब छह लोगों ने अभी तक पुलिस से संपर्क किया है। आरोपी करीब पंद्रह लाख रुपए इसी तरह नौकरी लगाने के नाम पर पैसा ऐंठ चुका है। आसु कुमार क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में दर्ज प्रकरण में पिछले साल ही जमानत में बाहर आया है।
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