MP Cop Gossip: मकान के फेर में फंसे डीआईजी

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MP Cop Gossip:  महंगी टाईल्स भोपाल से सागर ले जाकर लगाई, भुगतान की बारी आई तो व्यापारी को काटना पड़ रहे चक्कर

MP Cop Gossip
सांकेतिक ग्राफिक डिजाइन टीसीआई

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस महकमा काफी बड़ा होता है। उसमें भीतर ही भीतर बहुत कुछ चल रहा होता है। उसमें कुछ मीडिया के सामने आ जाता है। बहुत कुछ दबा रहा जाता है। हमारा यह साप्ताहिक कॉलम एमपी कॉप गॉसिप (MP Cop Gossip) ऐसे ही विषयों से जुड़ा है। यह साफ कर देना चाहते हैं कि यह केवल चुटीले अंदाज में दिया जाता है। हमारा मकसद कतई नहीं है कि किसी संस्था, व्यक्ति, पद और उसको लेकर कोई दुर्भावना हो।

पुलिस मुख्यालय तक पहुंची शिकायत

एमपी पुलिस राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस बने एक अफसर की यह कहानी है। घटना भोपाल शहर की है। यहां एक डीआईजी का अपना निजी आवास सागर जिले में बन रहा है। जिसके लिए भोपाल शहर से वहां पर टाईल्स पहुंचाई गई। जिस व्यापारी ने माल दिया उसने क्रेडिट पर काम किया। माल लग गया अब भुगतान की बारी आई तो थोड़ा विवाद की स्थिति बन गई। दरअसल, अफसर का तर्क था कि व्यापारी की भेजी टाईल्स टूट गई है। वहीं कारोबारी का कहना था कि वह उन्हें रिप्लेस कर देगा। लेकिन, अफसर इसकी आड़ में रियायत भी चाह रहे थे। टारगेट शहर के एक थाना प्रभारी को मिला। उसने अपने स्तर पर जितना संभव रियायत दिला सकता था वह किया। हालांकि इससे अफसर संतुष्ट नहीं हुए। क्योंकि बिल करीब पांच लाख रुपए का था। जब कारोबारी ने देखा कि उसका बिल फंस रहा है तो उसने तरीका अपनाया। अपने एक खबरनवीस जो मीडिया हाउस से जुड़े हैं उनके जरिए संदेशा आला अधिकारियों तक पहुंचा दिया। इसके बाद बंद कमरों में सुलह के प्रयास होने लगे। अब यह पूरा मामला पुलिस मुख्यालय की चौखट में भी पहुंच गया है। देखना यह है कि कब तक इस विषय का समाधाना हो सकता है।

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